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बोकारो : दुष्कर्म के प्रयास में पादरी को तीन वर्ष जेल

Updated at : 19 Dec 2018 8:12 AM (IST)
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बोकारो : दुष्कर्म के प्रयास में पादरी को तीन वर्ष जेल

बोकारो : जरीडीह के टांड़ बालीडीह निवासी एक 17 वर्षीया किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले टांड़ बालीडीह चर्च के पादरी रहे सुलेमान टोपनो (30 वर्ष) को न्यायालय ने मंगलवार को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. दस हजार रुपये जुर्माना की सजा भी दी गयी है. जुर्माना की राशि किशोरी […]

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बोकारो : जरीडीह के टांड़ बालीडीह निवासी एक 17 वर्षीया किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले टांड़ बालीडीह चर्च के पादरी रहे सुलेमान टोपनो (30 वर्ष) को न्यायालय ने मंगलवार को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है. दस हजार रुपये जुर्माना की सजा भी दी गयी है. जुर्माना की राशि किशोरी को दी जायेगी. जुर्माना नहीं पर तीन माह की अतिरिक्त कारावास होगी.
न्यायाधीश ने किशोरी को सरकार से मुआवजा दिलाने का निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिया है. यह मामला स्थानीय न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह पोक्सो मामले के विशेष न्यायाधीश रंजीत कुमार की अदालत में पोक्सो कांड संख्या-37/18 व जरीडीह थाना कांड संख्या-47/18 के तहत चल रहा था.
सरकार की तरफ से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार झा ने अदालत में साक्ष्य व गवाह प्रस्तुत किये. किशोरी द्वारा स्थानीय थाना में दिये आवेदन के अनुसार 19 मार्च 2018 की शाम को किशोरी अपने घर में अकेली थी और मोबाइल से सहेली से बात कर रही थी. इसी दौरान सुलेमान टोपनो घर में घुस गया और उसे पीछे से पकड़ कर छेड़छाड़ करने लगा. उसका कपड़ा भी फाड़ दिया.
किसी तरह वह उसके चंगुल से छुट कर भाग गयी. उसने इसकी जानकारी अपने माता-पिता को दी. माता-पिता ने गांव के अन्य लोगों को पादरी के इस करतूत के बारे में बताया. गांव के लोगों ने पंचायत कर मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया, लेकिन कोई पहल नहीं किया गया. इसके बाद 26 मार्च को थाना में दर्ज हुआ था.
दोषियों पर दस-दस हजार रुपया जुर्माना भी लगाया
जानलेवा हमला के एक मामले में चंदनकियारी के सिमुलिया गांव के नौ लोगों को मंगलवार को पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी गयी है. दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है.
जुर्माना नहीं पर छह माह की अतिरिक्त कारावास होगी. यह फैसला स्थानीय न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जर्नादन सिंह की अदालत ने मंगलवार को सुनाया.
सजा दीपक माहथा (24 वर्ष), सत्यानारायण माहथा (45 वर्ष), कृष्णकांत माहथा (27 वर्ष), मेघनाथ माहथा (64 वर्ष), विकास माहथा (30 वर्ष), बह्रानंद माहथा (38 वर्ष), तेगनू माहथा (23 वर्ष), रसराज माहथा (60 वर्ष) व मनोज माहथा (29 वर्ष) को दी गयी है. न्यायालय में यह मामला सेशन ट्रायल संख्या- 119/17 व चंदनकियारी थाना कांड संख्या-111/15 के तहत चल रहा था.
सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार राय ने अदालत में पक्ष रखा. यह घटना आपसी विवाद को लेकर 18 जून 2015 को हुई थी. लखन माहथा ने आपसी विवाद को लेकर स्थानीय थाना में केस किया था. अनुसंधान में स्थानीय पुलिस गांव में अभियुक्तों को खोजने आयी थी.
पुलिस के जाने के बाद सभी अभियुक्त लाठी-डंडा, तलवार व रड लेकर लखन माहथा के घर में घुस गये और उन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था. लखन को बचाने आये परिवार के अनाथ माहथा व रंजीत माहथा को भी हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था.
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