‘सर्वर‍’ के जाल में फंसा अभ्यर्थियों का भविष्य

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चास : प्रखंड क्षेत्र में जाति, आय या आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. प्रज्ञा केंद्रों व संबंधित कार्यालयों में इसके आवेदनों के निपटारे की गति काफी धीमी है. इसके कई वजह बताये जाते हैं, जिनमें एक स्लो सर्वर का होना भी है. अधिकारियों के छुट्टी पर […]

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चास : प्रखंड क्षेत्र में जाति, आय या आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. प्रज्ञा केंद्रों व संबंधित कार्यालयों में इसके आवेदनों के निपटारे की गति काफी धीमी है. इसके कई वजह बताये जाते हैं, जिनमें एक स्लो सर्वर का होना भी है. अधिकारियों के छुट्टी पर चले जाने के बाद और भी परेशानी होती है.

सर्वर के जाल में चास के हजारों विद्यार्थियों व प्रतियोगिता परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का भविष्य फंसा हुआ है. प्रमाण पत्र बनाने में आ रही समस्या के कारण ऐसा हो रहा है. ऑनलाइन आवेदन करने व ऑनलाइन प्रमाण पत्र जांच व प्रमाण पत्र हासिल करने की सुविधा ही छात्रों व आवेदकों के लिये जी का जंजाल बन गयी है. जिन्होंने प्रज्ञा केंद्र में आवेदन जमा किया था,

वे महीनों से चक्कर लगा रहे हैं. हर दिन जितने आवेदन आ रहे हैं, उससे काफी कम सर्टिफिकेट ही निर्गत किये जा रहे हैं. इस कारण लंबित आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. जबकि सरकारी तौर पर विशेष निर्देश है कि आवेदन प्राप्त होते ही 30 दिनों के अंदर प्रमाण पत्र आवेदनकर्ता को सौंप देना है.

एडमिशन सहित बहाली फार्म भरने में पड़ती है जरूरत : अभी स्कूलों व कॉलेजों में एडमिशन का समय चल रहा है. एडमिशन में संस्थान की ओर से इन प्रमाण पत्रों की मांग की जाती है. इसके लिये विद्यार्थी समय पर आवेदन भी करते हैं, लेकिन तय समय के बाद भी प्रमाण पत्र लेने के लिये लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. इसके अलावा वेकेंसी में भी जाति, आवासीय व आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है. ऐसे कई मामले हैं, जिनकी अंतिम तिथि नजदीक आ गयी है, लेकिन कई माह बीतने के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं बने हैं.
प्रज्ञा केंद्रों व संबंधित कार्यालयों में इसके आवेदनों के निपटारे की गति काफी धीमी
चास प्रखंड क्षेत्र में 4183 आवेदन लंबित
चास प्रखंड क्षेत्र में ही 4183 आवेदन विभिन्न प्रमाण पत्र के लिये लंबित हैं. इनमें आय प्रमाण पत्र के लिये 1283, जाति के लिये 2225 व आवासीय के लिये 675 आवेदन लंबित हैं. इनमें 1722 आवेदन एक महीने से अधिक समय से पड़े हुये हैं. यह डाटा फरवरी 2018 से अब तक का है.
खामियां बता रोके रखते हैं आवेदन
जहां एक ओर सर्वर में तकनीकी समस्या आ रही है, दूसरी ओर कर्मचारी छोटी-छोटी त्रुटि बताकर आवेदन लटका दे रहे हैं. कई लोगों ने बताया कि खतियान, डीड की कॉपी सही से नहीं होने पर भी आवेदन को रोक दिया जाता है. इसकी जानकारी उन्हें जाने पर ही दी जाती है. आवेदन रिजेक्ट होने की जानकारी भी समय पर नहीं दी जाती है.
प्रमाण पत्र बनवाने का कार्य सुलभ तरीके से किया जा रहा है. किसी के सर्टिफिकेट के बनने में देरी हो रही है तो इसकी जांच की जायेगी.
सतीश चंद्रा, एसडीएम, चास
प्रज्ञा केंद्रों की लगा रहे दौड़
पिछले दस फरवरी को जाति, आय व आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिये आवेदन जमा किया है. अब तो इसकी जरूरत भी समाप्त हो गयी है. काम सही से नहीं हो रहा है.
धर्मेंद्र महतो
आय व जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिये दो महीने पहले ही दिया था, लेकिन अब तक प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुये हैं. कार्यालय की दौड़ लगा रहे हैं. अधिकारी प्रज्ञा केंद्र ही भेजते हैं.
बलराम सोरेन
प्रज्ञा केंद्र में आवेदन देने के बाद कई चक्कर लगाना पड़ता है तब प्रमाण पत्र मिलता है. सर्वर डाउन तो कभी अधिकारी या कर्मी नहीं है कहा जाता है. सुधार की जरूरत है.
नीलकंठ महतो
अधिकारियों को विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुये तेजी से काम करवाना चाहिये. ताकि प्रमाण पत्र के कारण किसी का भविष्य खराब ना हो. मामले में अधिकारी संज्ञान लें.
सुनील राय
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