सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक हों महिलाएं
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सदर अस्पताल में सर्वाइकल, ओरल व ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग बोकारो : सेक्टर पांच स्थित आइएमए हॉल में रविवार को फोगसी (फेडरेशन ऑफ ऑब्सट्रेटिक्स एंड गायनोकोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया) बोकारो की ओर से सर्वाइकल कैंसर पर कार्यशाला हुई. उद्घाटन मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ एस मुर्मू, महासचिव डॉ मीता सिन्हा, अध्यक्ष डॉ कुसुम दास, संयुक्त […]
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सदर अस्पताल में सर्वाइकल, ओरल व ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग
बोकारो : सेक्टर पांच स्थित आइएमए हॉल में रविवार को फोगसी (फेडरेशन ऑफ ऑब्सट्रेटिक्स एंड गायनोकोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया) बोकारो की ओर से सर्वाइकल कैंसर पर कार्यशाला हुई.
उद्घाटन मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ एस मुर्मू, महासचिव डॉ मीता सिन्हा, अध्यक्ष डॉ कुसुम दास, संयुक्त सचिव डॉ अनुप्रिया, अतिथि स्पीकर डॉ विजय जुत्सी, डॉ मनोहर अहूजा, डॉ भाग्यलक्ष्मी नायक, डॉ रीता हांसदा, डॉ रूपम सिंह ने संयुक्त रूप से किया. सीएस डॉ मुर्मू ने कहा : सर्वाइकल कैंसर के प्रति महिलाओं को जागरूक करना जरूरी है. सरकार की ओर से महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. सदर अस्पताल में नि:शुल्क सर्वाइकल कैंसर, ओरल कैंसर व ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग की जा रही है.
महिलाओं को जागरूक करने के लिए सभी तरह के उपाय किये जा रहे हैं. सहिया के माध्यम से महिलाओं को स्क्रीनिंग के लिए अस्पताल लाया जा रहा है. आज यह बीमारी हमारे समक्ष चुनौती की तरह है. एक अभियान चला कर काबू पाया जा सकता है.
सर्वाइकल कैंसर का पता शुरुआत में नहीं चलता : डॉ जुत्सी, डॉ अजूजा, डॉ नायक, डॉ श्वेता, डॉ निवेदिता दत्ता, डॉ निशा, डॉ निरूपमा, डॉ दिव्या रश्मि, डॉ ज्योति गुप्ता व डॉ अनिमा ने कहा : महिलाओं में शारीरिक संपर्क के बाद रक्त स्राव होना, दो माहवारी के बीच में रक्तस्राव होना, कैंसर अन्य ट्यशूज में फैलने लगता है, तो पेट के नीचे दर्द भी शुरू हो जाता है. ऐसी स्थिति में स्त्री रोग चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए. सवाईकल कैंसर का पता शुरुआत में नहीं चल पाता है. शुरुआती अवस्था में सर्वाइकल कैंसर के इलाज में सर्जरी का विकल्प खुला रहता है.
ऑपरेशन के जरिये गर्भाशय को निकाल दिया जाता है. इसे हिस्टेरेक्टमी कहा जाता है. महिलाओं में कैंसर शुरुआती अवस्था से आगे बढ़ जाने पर इलाज में कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी का प्रयोग किया जाता है. लैप्रोस्कोपिक व रोबोटिक सर्जरी से भी सर्विक्स कैंसर का इलाज किया जाता है. इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर से बचने के कई तरीकों की जानकारी स्लाइड के माध्यम से दी. मौके पर दर्जनों स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ मौजूद थे
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