मोदी जी ! स्टार्टअप इंडिया में फेल है बोकारो

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बोकारो : 15 अगस्त 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार के मसले पर भाषण देते हुए ऐसी योजना पेश की थी, जिससे युवा न सिर्फ व्यवसाय करे, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दें. योजना को स्टार्टअप इंडिया का नाम दिया गया. योजना को लेकर सरकार व भाजपा के प्रतिनिधियों ने खूब वाहवाही लूटी, लेकिन […]

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बोकारो : 15 अगस्त 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार के मसले पर भाषण देते हुए ऐसी योजना पेश की थी, जिससे युवा न सिर्फ व्यवसाय करे, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दें. योजना को स्टार्टअप इंडिया का नाम दिया गया. योजना को लेकर सरकार व भाजपा के प्रतिनिधियों ने खूब वाहवाही लूटी, लेकिन बोकारो में योजना का लाभ कितने लोगों को मिला या फिर बैंक व ग्राहक कितने जागरूक हैं, इसे लेकर प्रभात खबर ने सोमवार को तसदीक की.बोकारो में ग्राहकों के बीच संबंध स्थापित करने का दावा करने वाले बैंकों की माने तो इस योजना के संबंध में एक भी ग्राहक ने आवेदन नहीं दिया है. मतलब ग्राहकों को योजना की जानकारी नहीं है.

ज्यादातर बैंक में स्टार्ट अप इंडिया योजना का प्रचार करने संबंधित तख्तियां भी नजर नहीं आयी. सबसे हैरानी तो तब हुई जब कुछ बैंक अधिकारी स्टार्ट अप व स्टैंड अप योजना को एक ही तराजू में तौल दिया.

क्या है योजना
स्टार्ट अप इंडिया नयी इकाई स्थापित करने की छूट देता है. इसके तहत उत्पाद के खोज, विकास व उन्नति संबंधी प्रोजेक्ट स्थापित किये जा सकते हैं. बायोटेक्नलॉजी के क्षेत्र में 10 वर्ष व अन्य क्षेत्र में सात वर्ष तक प्रति वर्ष टर्नओवर 25 करोड़ से ज्यादा नहीं होना चाहिए. लाभुक को तीन साल तक आय पर टैक्स की छूट दी गयी है. यहां तक की श्रम व पर्यावरण कानून के अनुपालन में स्व: प्रमाणन की बात कही गयी है. इसके तहत कर्मचारियों को ग्रेच्युटी भुगतान, ठेका कर्मचारी, कर्मचारी भविष्य निधि कोष, पानी और वायु प्रदूषण कानूनों के मामले में उद्यमी को लाभ मिलेगा. उद्यमों को सरकारी खरीद, ठेके आदि के कई मानदंड में भी छूट देने की बात कही गयी है.
बोकारो की औद्योगिक स्थिति भी है जिम्मेदार
स्टार्ट अप योजना के तहत नये प्रोजेक्ट के लिए ऋण दिया जाता है. लेकिन, बोकारो में औद्योगिक स्थित दयनीय हालत में है. बिजली, इनपुट-आउटपुट मार्केट समेत कई समस्या से बोकारो के उद्योग जूझ रहे हैं. ऐसे में नया प्रोजेक्ट लगाने का रिस्क कोई नहीं ले रहा है. बैंक अधिकारियों की माने तो यदि कोई भी योजना के तहत आवेदन देता है, तो उसे फौरन लाभ दिया जायेगा.
बैंक अधिकारियों ने कहा
स्टार्ट अप इंडिया के तहत कोई आवेदन नहीं आया है. बिना किसी आवेदन के लोन किसे दें. आवेदन प्राप्त होने पर जरूर लाभ दिया जायेगा. योजना का प्रारूप बहुत अच्छा है. लेकिन, बोकारो में इसे लेकर उत्साह नहीं देखा गया है.
रंजीता शरण सिंह, रिजनल मैनेजर, आरबीओ बोकारो, भारतीय स्टेट बैंक
योजना के तहत उद्यम को तैयार करना है. बैंक इस योजना से सीधे नहीं जुड़ा है. इस कारण अभी तक कोई लोन इस शृंखला में नहीं दी गयी है. छोटे स्तर पर कई योजना होने के कारण इस योजना के प्रति लोगों में उत्साह कम है.
वैरागी कन्हर, चीफ मैनेजर, पंजाब नेशनल बैंक, बोकारो सर्किल
अभी तक एक भी आवेदन स्टार्ट अप इंडिया को लेकर नहीं आया है. इस कारण योजना का लाभ किसी को नहीं दिया गया है.
बीके सिन्हा, मुख्य प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा-04
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