सभी की भागीदारी से पूर्ण ओडीएफ बनेगा झारखंड

Updated:
विज्ञापन

बोकारो: सामुदायिक भागीदारी से ही राज्य को पूर्णत: ओडीएफ बनाया जा सकता है. एसबीएम को अभियान बनाकर कार्य किया जाये, तो मार्च 2018 तक राज्य को ओडीएफ घोषित किया जा सकता है. उक्त बातें पेयजल स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को स्थानीय परिसदन में एसबीएम पर आयोजित कार्यशाला में कही. […]

विज्ञापन
बोकारो: सामुदायिक भागीदारी से ही राज्य को पूर्णत: ओडीएफ बनाया जा सकता है. एसबीएम को अभियान बनाकर कार्य किया जाये, तो मार्च 2018 तक राज्य को ओडीएफ घोषित किया जा सकता है. उक्त बातें पेयजल स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को स्थानीय परिसदन में एसबीएम पर आयोजित कार्यशाला में कही.

उन्होंने कहा : देश के वर्तमान प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन को काफी गंभीरता से लिया है. इसलिए स्वच्छता की गतिविधियों में तेजी आयी है. स्वच्छता अभियान अलग-अलग नाम से 1986 से ही देश में चल रहा है. लेकिन उस वक्त जिस गति से कार्य हो रहा था. उस गति से वर्ष 2067 तक देश ओडीएफ हो पाता. प्रधान सचिव ने कहा : सरकार का लक्ष्य मार्च 2018 तक राज्य को ओडीएफ घोषित करने का है. लेकिन यह लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकेगा, जब जनता जागरूक होगी. उन्हें खुले में शौच से होने वाली परेशानियों की जानकारी नहीं मिल रही है.

उन्होंने कहा : राज्य में पलामू, गोड्डा, गढ़वा व गिरिडीह को ओडीएफ बनाना थोड़ा चुनौती पूर्ण है. कार्यशाला में डीपीएलआर-सह- नोडल पदाधिकारी एसबीएम एसएन उपाध्याय, उपायुक्त के विशेष कार्य पदाधिकारी संदीप कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विकास कुमार हेंब्रम, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी चास शशि भूषण पुरण, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी तेनुघाट राम प्रवेश राम, जिला स्वच्छता प्रेरक मैत्री गांगुली, युनिसेफ के घनश्याम सहित अनेक मीडिया कर्मी उपस्थित थे.
शौचालय उपयोग के लिए जन-जागरूकता आवश्यक : निसेफ के स्टेट को-ऑर्डिनेटर प्रेमचंद ने कहा : अगर लोगों को खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में पता चल जाये, तो लोग स्वत: ही खुले में शौच करना बंद कर देंगे. कहा : झारखंड में लगभग 25,000 बच्चे दूषित पानी पीने की वजह से होने वाले डायरिया, निमोनिया आदि बीमारियों के कारण मर जाते है. दूषित पानी पीने से बौनापन भी यहां आम रूप लेता जा रहा है. उनके अनुसार इन सब चीजों से बचाव का एक ही उपाय है, स्वच्छता. खुले में शौच से मुक्त होकर ही इससे बचा जा सकता है. उन्होंने शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि लेने से ज्यादा महत्वपूर्ण समाज, गांव एवं पंचायत को खुले में शौचमुक्त होना बताया. उन्होंने कहा : स्वच्छ भारत अभियान में लगे कर्मी शौचालय निर्माण में गुणवत्ता के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को शौचालय के उपयोग के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा : लोगों को शौचालय उपयोग के लिए जन-जागरूकता के लिए मीडिया बंधुओं की सहभागिता अति महत्वपूर्ण है.
शौचालय निर्माण में बोकारो राज्य में छठे स्थान पर : बोकारो डीसी राय महिमापत रे ने कहा : बोकारो जिला शौचालय निर्माण में राज्य में छठे स्थान पर है व रैंकिंग में चाैथे स्थान पर है. उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा : बोकारो जिला 31 मार्च, 2018 तक पूर्ण रूप से ओडीएफ हो जायेगा. उन्होंने सेल या आस-पास के क्षेत्रों में अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों के लिए सामुदायिक शौचालय सीएसआर के तहत बनाये जाने की बात कही.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola