कुपोषण राज्य की बड़ी समस्या बनायेंगे ठोस नीति : सरयू राय
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पाकुड़. राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा है कि कुपोषण राज्य की बड़ी समस्या है. उसमें भी संताल परगना में स्थिति और भी बदतर है. इससे निबटना सरकार के लिए चुनौती है. इसको लेकर सरकार गंभीर है. सरकार कुपोषण को दूर करने के लिए ठाेस नीति के तहत काम कर रही है. […]
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पाकुड़. राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा है कि कुपोषण राज्य की बड़ी समस्या है. उसमें भी संताल परगना में स्थिति और भी बदतर है. इससे निबटना सरकार के लिए चुनौती है. इसको लेकर सरकार गंभीर है. सरकार कुपोषण को दूर करने के लिए ठाेस नीति के तहत काम कर रही है.
मंत्री श्री राय जनवितरण प्रणाली संगोष्ठी में हिस्सा लेने पाकुड़ आये थे. कार्यक्रम के बाद प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा : अस्पताल में हुए बच्चों की मौत पर सरकार काफी गंभीर है. हाल के दिनों में जहरीली शराब पीने से जो मौत हुई है. इसे खुद मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लिया है. इसके लिए दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा.
एमडीएम व आंगनबाड़ी की व्यवस्था काे करेंगे दुरुस्त : मंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था एवं आंगनबाड़ी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जायेगा. इसके लिए आपूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग की मध्याह्न भोजन योजना व आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार व्यवस्था को एक छाता के नीचे लाने की दिशा में पहल शुरू कर दी गयी है. आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार की विशेष नजर है. आंगनबाड़ी गांव की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. जहां से कुपोषण को दूर करने का सबसे उत्तम व्यवस्था है. उन्होंने यह भी बताया है कि गर्भवती माताएं सीडीपीओ कार्यालय में अपना रजिट्रेशन करा सकती हैं. रजिट्रेशन के बाद उन्हें 6000 रुपये सरकार पौष्टिक आहार के लिए देगी. आवश्यकता पड़ी तो उपरोक्त राशि को बढ़ाने के लिए सरकार से सिफारिश करेंगे. वर्तमान में एक बच्चे पर यह व्यवस्था लागू है. सरकार की नीति हम दो, हमारे दो ही है. इसी नीति के तहत सरकार से दो बच्चे तक गर्भवती माताओं को यह सुविधा सरकार की ओर से दिये जाने की भी सिफारिश करेंगे.
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