आइआइटी के अलावा मौके और भी हैं

Published at :17 Jun 2017 11:30 AM (IST)
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आइआइटी के अलावा मौके और भी हैं

बोकारो: जेइइ एडवांस्ड के परिणाम जारी हो चुके हैं. इसके साथ ही आइआइटी, एनआइटी, ट्रिपल आइटी व जीएफटीआइ में एडमिशन के लिए जोसा काउंसिलिंग भी शुरू हो गयी है. 15 जून से विद्यार्थियों ने च्वाइस फिलिंग करना शुरू कर दिया है. आइआइटी सहित अन्य संस्थानों में विद्यार्थियों के पास च्वाइस फिलिंग करने के लिए 650 […]

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बोकारो: जेइइ एडवांस्ड के परिणाम जारी हो चुके हैं. इसके साथ ही आइआइटी, एनआइटी, ट्रिपल आइटी व जीएफटीआइ में एडमिशन के लिए जोसा काउंसिलिंग भी शुरू हो गयी है. 15 जून से विद्यार्थियों ने च्वाइस फिलिंग करना शुरू कर दिया है. आइआइटी सहित अन्य संस्थानों में विद्यार्थियों के पास च्वाइस फिलिंग करने के लिए 650 से अधिक ब्रांच के विकल्प हैं. च्वाइस फिलिंग-रिपोर्टिंग के लिए देश में 38 केंद्र बनाये गये हैं. झारखंड में एनआइटी जमशेदपुर, बीआइटी मेसरा व आइएसएम धनबाद में रिपोर्टिंग केंद्र बनाये गये हैं.
वैसे तो जेइइ एडवांस्ड पास किये हुए हर छात्र कि इच्छा होती है कि वह आइआइटी में ही पढ़ाई करें, लेकिन जिस संख्या में बच्चे क्वालिफाइ किये हैं और आइआइटी में जितनी सीटें हैं, उतने में यह हर किसी के लिए संभव नहीं होगा कि उनका एडमिशन आइआइटी में हो ही जायेगा. पर उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. आपके पास बेहतरीन एनआइटी सहित अन्य संस्थानों के विकल्प हैं. 23 आइआइटी हैं, जहां 10988 सीटें हैं. ऐसे में इससे अधिक रैंक लानेवाले विद्यार्थियों के पास नामांकन की संभावना नहीं के बराबर है. आइआइटी की सीट के इस आंकड़े में बढ़ी हुई सीटें भी शामिल हैं. आइआइटी में चार वर्षीय और पांच वर्षीय कोर्स कराये जाते हैं.
मालूम हो कि जेइइ एडवांस्ड क्वालिफाइ करने वाले विद्यार्थियों के पास आइआइटी के अलावा इसी स्तर के पांच अन्य संस्थानों में प्रवेश के मौके हैं.ये हैं आइआइटी स्तर के संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च भोपाल, मोहाली, कोलकाता, पुणे व तिरूवनंतपुरम के अलावा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी विशाखापत्तनम, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी तिरूवनंतपुरम और राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी रायबरेली शामिल है.
आइआइटी नहीं तो एनआइटी हैं
आइआइटी की लगभग 11 हजार सीट और अन्य सात आइआइटी स्तर की संस्थानों की सभी सीटों में नामांकन के बाद भी वैसे जेइइ एडवांस्ड रैंक हॉल्डर, जिन्हें आइआइटी में नामांकन में नहीं मिल पाता है. उनके पास शीर्ष एनआइटी में नामांकन के अवसर हैं. एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर लगता है कि आइआइटी में नामांकन की संभावना नहीं बन रही है, तो च्वाइस फिलिंग के समय ही एनआइटी को विकल्प के तौर पर लेना चाहिए.
स्पाॅट राउंड : पहले आओ और पहले पाओ
इस वर्ष जोसा काउंसिलिंग की प्रक्रिया सात राउंड में पूरी की जा रही है. इसके बाद स्पॉट राउंड होगा. इसका लाभ आइआइटी की बची हुई सीटों को छोड़ कर शेष संस्थानों की खाली सीटों पर मिलेगा. उम्मीदवारों को स्पाॅट राउंड काउंसिलिंग में सीटें पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर दी जायेंगी.
चूंकि आइआइटी सहित ट्रिपल आइटी में 420 सीटें बढ़ायी गयी हैं, ऐसे में विद्यार्थियों को उम्मीद रखना चाहिए.
मॉक सीट अलाॅटमेंट से जानें क्या हैं संभावनाएं
जोसा काउंसिलिंग की प्रक्रिया 26 जून तक चलेगी. 15 से 26 जून तक दो बार मॉक सीट एलोकेशन भी किये जा सकेंगे. 28 जून को पहला और 18 जुलाई तक सातवें राउंड का अलॉटमेंट होगा. आइआइटी सीट भरने के बाद विद्यार्थियों के पास एनआइटी व ट्रिपल आइटी में जाने का विकल्प होगा. मॉक सीट अलाॅटमेंट से विद्यार्थियों को उन्हें कौन सा ब्रांच किस संस्थान में मिलने वाला है, का पता चल पायेगा. यह आपको फ्रीज, फ्लोट और स्लाइड का अवसर देगा. जोसा काउंसिलिंग 36268 सीटों के लिए हो रहा है.
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