पुलिस ने कहा, चेकिंग के दौरान बरामद 30 लाख रुपये चोरी के हैं
Updated at : 31 Mar 2019 1:08 AM (IST)
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रांची : पतरातू-रांची रोड में पिठोरिया थाना के सामने चेकिंग के दौरान सफेद रंग की फॉर्च्यूनर (जेएच01बीएफ–9019) से बरामद 30 लाख रुपये को चोरी के रुपये मानते हुए पुलिस ने पिठोरिया थाना में केस दर्ज कर लिया है. इसके साथ ही पुलिस ने शनिवार को गजानंद प्रसाद और उसके भतीजे उमेश प्रसाद को न्यायिक हिरासत […]
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रांची : पतरातू-रांची रोड में पिठोरिया थाना के सामने चेकिंग के दौरान सफेद रंग की फॉर्च्यूनर (जेएच01बीएफ–9019) से बरामद 30 लाख रुपये को चोरी के रुपये मानते हुए पुलिस ने पिठोरिया थाना में केस दर्ज कर लिया है.
इसके साथ ही पुलिस ने शनिवार को गजानंद प्रसाद और उसके भतीजे उमेश प्रसाद को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. क्योंकि पूछताछ के दौरान दोनों रुपये के वैध होने के संबंध में प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके.
वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने चालक हीरा प्रसाद को पूछताछ के बाद छोड़ दिया. चालक के संबंध में ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि मामले में उसकी संलिप्तता की बात सामने नहीं आयी. इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी है.
इधर, बरामद रुपये के संबंध में गहराई से जांच के लिए रांची एसएसपी अनीश गुप्ता ने इडी से सहयोग लेने का निर्णय लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह मामला मनी लॉड्रिंग का तो नहीं. एसएसपी के स्तर से इडी को पत्र भी भेजा जायेगा.
क्या कहा अारोपियों ने
पिठोरिया थाना की पुलिस के अनुसार पकड़े जाने के बाद दोनों आरोपियों ने बताया था कि रुपये रामगढ़ निवासी जय भगवान यादव और कुणाल भूषण के हैं.
वे रुपये उन्हीं के पास से लेकर आ रहे थे और पिठोरिया चौक के समीप स्थित पेट्रोल पंप के संचालक को देने थे. क्योंकि उनका रुपया पहले से बकाया है. पुलिस ने जब जांच के दौरान जय भगवान यादव और कुणाल भूषण से पूछताछ की तो दोनों ने गजानंद प्रसाद या उमेश प्रसाद को रुपये देने की बात से इनकार कर दिया.
इसके बाद पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालक से रुपये बकाया होने के संबंध में पूछताछ की. तब पंप संचालक ने सिर्फ छह लाख रुपये बकाया होने की जानकारी दी.धीरे-धीरे पुलिस की जांच और पूछताछ में यह बात साबित हो गयी कि कार से बरामद रुपये के संबंध में गजानंद प्रसाद और उमेश प्रसाद झूठ बोल रहे हैं.
हालांकि, पुलिस ने दोनों आरोपियों से रुपये के संबंध में सच्चाई जानने का दोबारा प्रयास किया तो दोनों ने अलग-अलग जानकारी दी. इसलिए पुलिस ने बरामद रुपये को चोरी का मान कर दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया.
नहीं दे सके थे सही जानकारी:
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को पिठोरिया थाना के समीप चेकिंग के लिए वाहन को रोका गया था. जिसके बाद तलाशी के दौरान 30 लाख रुपये मिले थे.
गाड़ी में वाहन मालिक पतरातू सौंदा निवासी गजानंद प्रसाद, उसका भतीजा उमेश प्रसाद और चालक हीरा प्रसाद मौजूद थे. रुपये के संबंध में पूछने पर सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे. यहां तक कि प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए समय देने के बावजूद कोई प्रमाण नहीं दे सके.
दोनों ने कहा था कि जिनका रुपया है, वो आ रहे हैं. इसके बाद संदेह होने पर आयकर के अधिकारियों को बुलाया गया था. साथ ही दोनों को हिरासत में लेकर मामले की जांच की जा रही थी.
- पुलिस के समक्ष पूछताछ में दोनों आरोपी पैसे के वैध होने को नहीं कर सके प्रमाणित
- जिनसे पैसे लेने की बात कही, उन्होंने भी पैसे देने की बात से किया इनकार
- बरामद पैसे के संबंध में जांच के लिए ईडी से रांची पुलिस करेगी अनुशंसा
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