17 दिन के बाद रिहा हुए यशवंत, विरोधियों ने नाटक करार दिया
Updated at : 19 Jun 2014 5:05 PM (IST)
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हजारीबाग: अनियमित बिजली आपूर्ति के खिलाफ आंदोलन कर रहे भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और उनके समर्थन आज 17 दिन बाद अपने समर्थकों समेत जेल से रिहा हो गये. उन्हें सरकारी अधिकारी पर कथित रुप से हमले के मामले में कल जमानत दी गयी थी. हजारीबाग के न्यायिक मजिस्ट्रेट आरबी पाल ने भाजपा नेता यशवंत सिन्हा […]
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हजारीबाग: अनियमित बिजली आपूर्ति के खिलाफ आंदोलन कर रहे भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और उनके समर्थन आज 17 दिन बाद अपने समर्थकों समेत जेल से रिहा हो गये. उन्हें सरकारी अधिकारी पर कथित रुप से हमले के मामले में कल जमानत दी गयी थी.
हजारीबाग के न्यायिक मजिस्ट्रेट आरबी पाल ने भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और उनके समर्थकों की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए कल उन्हें सात-सात हजार रुपये के दो मुचलके पर जेल से रिहा करने के आदेश दिये थे.इससे पूर्व सोमवार को इस मामले में आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत अदालत में दर्ज कराये गये अपने बयान में इस मुकदमे के शिकायतकर्ता झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड के महाप्रबंधक धनेश झा ने कहा कि उन्होंने यशवंत सिन्हा और उनके समर्थक प्रदर्शनकारियों को स्वयं नहीं देखा था.
झा की प्राथमिकी के आधार पर सिन्हा और पार्टी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. इसमें कहा गया था कि इन लोगों ने उनके कार्यालय के करीब प्रदर्शन के दौरान बांध दिया था.
कल जमानत याचिका पेश किये जाते ही अदालत ने यशवंत सिन्हा और उनके 57 समर्थकों की जमानत मंजूर कर ली और सात-सात हजार रुपये की दो जमानतों पर सभी को रिहा करने के आदेश दिये. बाद में यशवंत सिन्हा के समर्थन में अनेक अन्य कार्यकर्ताओं ने भी गिरफ्तारी दी थी जिन्हें आज ही जेल से रिहा कर दिया गया.यशवंत सिन्हा ने हजारीबाग में बिजली की दस घंटे तक की कटौती के खिलाफ आंदोलन करते हुए दो जून को अपने समर्थकों के साथ अपनी गिरफ्तारी के बाद जमानत लेने से इनकार कर दिया था जिसके बाद सभी को तीन जून को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था.
यह अवधि पूरी होने के बाद एक बार फिर जमानत लेने से इनकार करने पर अदालत ने उनकी तथा उनके समर्थकों की हिरासत की अवधि 28 जून तक के लिए बढा दी थी.आरोप है कि यशवंत सिन्हा के निर्देश पर बिजली की अव्यवस्था के खिलाफ आंदोलनरत महिला भाजपा कार्यकर्ताओं ने झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड के महाप्रबंधक धनेश झा का घेराव किया और फिर उन्हें रस्सी से बांध दिया था.
इसके बाद इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी और कानूनी कार्रवाई के तहत उन्हें जमानत न लेने पर जेल भेज दिया गया था. मंगलवार को भाजपा के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी स्वयं आये थे और उन्होंने जेल में सिन्हा और उनके समर्थकों से मुलाकात कर आंदोलन के साथ एकजुटता प्रकट की थी.
सिन्हा से अनुरोध किया था कि वह जमानत लेकर जेल से बाहर आये और राज्य में बिजली और अन्य जनसमस्याओं पर बडे आंदोलन का नेतृत्व करें. वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सहयोगी कांग्रेस ने भाजपा के बिजली विरोधी आंदोलन को ‘बिजली के जरिये राजनीति’ करने का नाटक बताया है.पिछले दिनों लालकृष्ण आडवाणी यशवंत को मनाने आये थे उन्होंने जेल से बाहर निकलने के बाद बयान दिया था कि उन्हें आपातकाल की याद आ गयी उस वक्त कुछ इसी तरह के हालात थे. यशवंत को मनाने प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेता जेल पहुंचे थे.
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