खरसावां में तड़पती जिंदगी, न पानी, न सड़क, बस संघर्ष और मजबूरी

Updated at : 05 Apr 2026 1:31 PM (IST)
विज्ञापन
villagers of kharsawan jojobata tola
अपनी परेशानी सुनाते ग्रामीण

Saraikela Kharsawan News: झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के रायजामा गांव के जोजोबाटा में आज भी लोग साफ पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से दूर हैं. इससे जुड़ी रिपोर्ट नीचे पढ़ें. 

विज्ञापन

खरसावां के रायजामा शचींद्र कुमार दाश की ग्राउंड रिपोर्ट

Seraikela Kharsawan News: खरसावां प्रखंड के सीमावर्ती रिड़िंग पंचायत के रायजामा गांव के जोजोबाटा टोला में बुनियादी सुविधाओं की कमी देखने को मिल रही है. यहां के लगभग 15 परिवार आज भी पीने के स्वच्छ पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से दूर हैं. 

नक्सल मुक्त, लेकिन विकास से कोसों दूर

चार साल पहले तक यह गांव घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र था. अब यह नक्सल मुक्त हो चुका है. लेकिन विकास की रफ्तार अभी तक गांव तक नहीं पहुंची है. ग्रामीणों को मजबूरी में पहाड़ से निकलने वाली जलधारा के किनारे ‘चूंआ’ खोदकर पानी पीना पड़ रहा है. यह पानी न केवल असुरक्षित है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है. कन्डेरकुटी गांव के निवासी गुरुचरण लोहार का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से इन ग्रामीणों के लिए सड़क और पानी की व्यवस्था कराने का प्रयास किया, लेकिन सिस्टम की लापरवाही के कारण अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. 

पानी की तलाश में संघर्ष

जोजोबाटा टोला के निवासी मोनो सरदार बताते हैं कि गांव में न तो चापाकल है, न कुआं और न ही कोई जलमीनार. पानी के लिए ग्रामीणों को रोज संघर्ष करना पड़ता है, खासकर बरसात के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब दो-दो दिन तक पानी नहीं मिल पाता. जोजोबाटा टोला की महिला इतवारी मुंडा का कहना है कि बरसात के दिनों में खाना पकाने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं होता, जिसके कारण कई बार उन्हें भूखे रहना पड़ता है. 

chuan for drinking water
इसी चूंआ के पानी से बुझती है ग्रामीणों की प्यास

सड़क न होने से बढ़ रही परेशानियां

जोजोबाटा टोला के टोला के लखन मुंडा बताते हैं कि सड़क नहीं होने के कारण मरीजों को डेढ़ किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ता है, जो बारिश के समय और भी मुश्किल हो जाता है. जोजोबाटा टोला के ही निवासी बुधन मुंडा का कहना है कि ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं और आने-जाने के लिए भी कोई उचित व्यवस्था नहीं है. उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी और सड़क की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है. 

no road in jojoba tola
इसी पगडंडी पर आवागमन करते हैं ग्रामीण

प्रशासन से राहत की उम्मीद

वीर सिंह सिजुई, गुरूचरण लोहार, मोनो सरदार, गंगा सरदार, यशोदा सरदार, बासु सरदार, सनिका सरदार, साऊ सरदार, तारंबा सरदार, गौरी सरदार, लखन मुंडा, टुनी मुंडा, काटे सरदार, गोमेया मुंडा, मंगलसिंह मुंडा, बाला मुंडा, पंगेला सरदार, एतवारी सरदार, धनंजय मुंडा, बुधनलाल मुंडा, बिरसी बोदरा और एतवारी मुंडा सहित कई ग्रामीण मौजूद थे. सभी ने एक स्वर में अपनी समस्याएं रखीं और जल्द समाधान की मांग की. वीर सिंह सिजुई ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याएं पूरी तरह सच हैं और हालात बेहद चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि एक ओर देश चांद पर पहुंचने की दिशा में अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर कुछ गांव आज भी पीने के पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जो बेहद दुखद है. उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द इस गांव में पेयजल और सड़क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे कि ग्रामीणों को राहत मिल सके. 

इसे भी पढ़ें: बदहाल जिंदगी जी रहे शहीद बख्तर साय के वंशज, गढ़पहाड़ को टूरिस्ट प्लेस विकसित करने की मांग

इसे भी पढ़ें: बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव आज आएंगे रांची, 5 अप्रैल को अभिनंदन

विज्ञापन
Sweta Vaidya

लेखक के बारे में

By Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola