सरायकेला के पिताकलांग में धूमधाम से मना ‘मागे पोरोब’, विधायक दशरथ गागराई ने मांदर पर थाप देते किया नृत्य

Published by : Priya Gupta Updated At : 05 Apr 2026 2:57 PM

विज्ञापन
मांदर पर थाप देते किया नृत्य करते हुए दशरथ गागराई (हरे लूंगी में) और ग्रामीण (फोटो प्रभात खबर )

Saraikela Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां के पिताकलांग गांव में धूमधाम से मनाया गया मागे पोरोब पर्व. विधायक दशरथ गागराई और पत्नी बासंती गागराई पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए. मांदर और नगाड़े की थाप पर नृत्य करते हुए ग्रामीणों संग संस्कृति और परंपरा का उत्सव मनाया गया. इससे जुड़ी पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Saraikela Kharsawan News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड के पिताकलांग गांव में पारंपरिक तरीके से मागे पोरोब का आयोजन किया गया. मागे पोरोब में विधायक दशरथ गागराई अपनी पत्नी बासंती गागराई के साथ पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए. इस दौरान सभी रश्मों को निभाया गया. मागे पर्व में विधायक दशरथ गागराई एक मंझे हुए कलाकार के रुप में नजर आए. यहां उन्होंने मांदर व नगाड़े पर थाप देने के साथ समाज के लोगों के साथ नृत्य भी किया. इस दौरान हो भाषा में मागे गीत को अलग अलग अंदाज में पेश कर समां बांध दिया. निमिन बुगिन मागे जो पोरोब, रांसा आदाओआ…, बाटी गोजेन बाटी गोजेन… मागे ना पोरोब, ताराबु मेनटे, निमिन बुगिन मागे ना पोरोब…… आदि मागे गीतों पर लोग मांदर की थाप पर झूमते नजर आ रहे थे. 

संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ है मागे पोरोब : गागराई

इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि मागे पोरोब क्षेत्र की परंपरा व संस्कृति से जुड़ा हुआ है. विधायक दशरथ गागराई ने उपस्थित लोगों से अपनी संस्कृति व परंपरा के लिए कार्य करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी भाईचारा बनाएं रखने और एक-दूसरे को सहयोग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने लोगों को मागे पर्व की बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से सामाजिक एकजुटता बनी रहती है. 

देशाउलि में पारंपरिक विधि-विधान के साथ मागे पोरोब मनाया गया 

देशाउलि में पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुई पूजा. इस कार्यक्रम में ग्रामीण भी रहे मौजूद. मागे पोरोब की शुरुआत देशाउलि में पूजा अर्चना के साथ हुई. गांव के दियुरी ने देशाउलि में पारंपरिक विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की. इसके बाद सभी रश्मों को निभाया गया. मागे पर्व में शामिल होने के लिए गांव के हर घर में सगे संबंधी भी पहुंचे थे. सभी लोग झूमते नजर आ रहे थे. कार्यक्रम में मुख्य रुप से बासंती गागराई, चंद्र मोहन गागराई, कुजरी गागराई, रासाय गागराई, सेलाय गागराई, दानवीर बांकिरा, पुरुषोत्तम सोय, सागर मुंडा, हेमलाल मुंडा, कुनी बोदरा, नामसी मुंडा, जमुना गागराई समेत बहुत सारे लोग मौजूद रहे.    

हो जनजाति का वार्षिक पारंपरिक त्योहार है ‘मागे पोरोब’

मागे पोरोब झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की हो जनजाति का एक प्रमुख और सबसे बड़ा वार्षिक पारंपरिक त्योहार है. झारखंड के कोल्हान में इस पर्व का आयोजन बड़े पैमाने पर होता है. यह हो समाज के लिए आदि धर्म व संस्कृति, यानी सृष्टि रचना और मानव उत्पत्ति का पर्व है. यह त्योहार आमतौर पर 7-8 दिनों तक चलता है. इसमें ओते इलि, गौ महरा, जातरा पोरोब, हर मागे और बासी पोरोब जैसे अनुष्ठान शामिल होते हैं. यह त्योहार सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अनूठा उदाहरण है.

इसे भी पढ़ें: झारखंड में मौसम ने बदला मिजाज, 5 से 7 अप्रैल तक आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना 

इसे भी पढ़ें: बदहाल जिंदगी जी रहे शहीद बख्तर साय के वंशज, गढ़पहाड़ को टूरिस्ट प्लेस विकसित करने की मांग

विज्ञापन
Priya Gupta

लेखक के बारे में

By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हैं. वह पिछले एक साल से कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. इससे पहले वह नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में काम कर चुकी हैं. अभी वह झारखंड की खबरों पर काम करती हैं और SEO के अनुसार कंटेंट लिखती हैं. प्रिया आसान और साफ भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखती हैं. वह ट्रेंडिंग खबरों, झारखंड से जुड़े मुद्दों और लोगों से जुड़ी खबरों पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सही और भरोसेमंद जानकारी सरल शब्दों में मिले.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola