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धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज हत्याकांड में पंकज की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने केस डायरी मंगवायी

Updated at : 25 Oct 2017 8:29 AM (IST)
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धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज हत्याकांड में पंकज की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने केस डायरी मंगवायी

धनबाद: पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में जेल में बंद मास्टरमाइंड पंकज सिंह की ओर से दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई मंगलवार को प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुमार पवन की अदालत में हुई. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सहदेव महतो ने बहस की. अभियोजन […]

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धनबाद: पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में जेल में बंद मास्टरमाइंड पंकज सिंह की ओर से दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई मंगलवार को प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुमार पवन की अदालत में हुई. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सहदेव महतो ने बहस की. अभियोजन से अपर लोक अभियोजक मो जब्बाद हुसैन ने अपना पक्ष रखा. अदालत ने उभय पक्षों की दलील सुनने के बाद पुलिस से केस डायरी की मांग की. सुनवाई की अगली तिथि मुकर्रर कर दी गयी है. विदित हो कि 21 मार्च 17 को सरेशाम सरायढेला स्टील गेट के समीप ब्रेकर पर अपराधियों ने नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी. पंकज सिंह पर हत्या में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है.

डाॅक्टर दंपती व नर्सिंग होम को क्षतिपूर्ति भुगतान का आदेश : जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नित्यानंद सिंह और सदस्य नरेश प्रसाद सिंह की दो सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को संयुक्त रूप से आदेश पारित कर परिवादिनी बापू नगर कार्मिक नगर, धनबाद निवासी श्रीमती मनीता देवी के पक्ष में फैसला सुनाया. फोरम ने विपक्षी संख्या-1 डॉ अनिता कुमारी व उनके पति डॉ अरुण कुमार श्रीराम हास्पिटल हीरक प्वाइंट धनबाद व विपक्षी संख्या-3 आयशा नर्सिंग होम एवं रिसर्च सेंटर शास्त्री नगर धनबाद को सख्त निर्देश दिया कि वे लोग आदेश के 60 दिनों के भीतर एक-एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में परिवादिनी को भुगतान करें. समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं करने पर बारह फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ वास्तविक भुगतान की तिथि तक विपक्षीगण यह भुगतान करने के उत्तरदायी होंगे. फोरम ने मानसिक परेशानी एवं वाद खर्च के रूप में विपक्षी संख्या-एक एवं दो (डाक्टर दंपती) को अलग से परिवादिनी को पचीस हजार रुपये भुगतान का आदेश भी दिया.

क्या है मामला : परिवादिनी मनीता देवी की बायीं जांघ में भयंकर पीड़ा हुई. साथ ही गर्भाशय संबंधी समस्या सफेद स्राव हो रहा था. 22 सितंबर 12 को वह अपने पति के साथ डाक्टर अनिता कुमारी के पास गयी जहां उनका चेकअप हुआ. उन्होंने ऑपरेशन की सलाह दी. ऑपरेशन के लिए परिवादिनी को आयशा नर्सिंग होम लाया गया जहां विपक्षी संख्या-2 डॉ अरुण कुमार वर्णवाल ने दस हजार रुपये लिए और 25 सितंबर 12, को डाक्टर दंपती विपक्षी संख्या-1 और 2 ने परिवादिनी का पेट के माध्यम से ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के पूर्व परिवादिनी एवं उनके पति को इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया और न ही सहमति ली गयी.

ऑपरेशन आयशा नर्सिंग होम में किया गया जो निबंधित भी नहीं है. सर्जरी के बाद परिवादिनी को भयंकर दर्द पेट में होने लगा. परंतु डॉक्टर व नर्स ने इस पर ध्यान नहीं दिया. 2 अक्तूबर 12 को डाक्टर दंपती ने रोगी को देखा और अल्ट्रासोनोग्राफी करने की सलाह दी और बाद में दुबारा सर्जरी कर दिया जिससे रोगी की हालत नाजुक हो गयी. 7 अक्तूबर 12 को बिना डिस्चार्ज समरी के उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया. डिस्चार्ज के बाद परिवादिनी ने अपना इलाज अपोलो अस्पताल में कराया. 8 अक्तूबर 12 को इलाज के बाद वह ठीक हो गयी.

परिवादिनी के पति ने वहां 1,15,900 रुपये भुगतान किया. अपोलो अस्पताल के डाक्टर विनय मिश्रा ने बताया कि गलत इलाज के कारण एक-डेढ़ वर्ष के बाद इनसीसिनोल हरनिया हो सकता है. परिवादिनी को इलाज के एक वर्ष के बाद ही 29 दिसंबर 14 को राज अस्पताल रांची में हरनिया प्लोस्टी का आपरेशन कराना पड़ा. अब भी परिवादिनी डॉ आशीष कुमार के इलाज में है. परिवादिनी ने विपक्षियों को वकालतन नोटिस दिया, परंतु उन लोगों ने उसका कोई जवाब नहीं दिया. बाद में बाध्य होकर परिवादिनी ने उपभोक्ता फोरम में 25 जुलाई 16 को वाद संख्या 126/16 दर्ज कराया.

दिवंगत अधिवक्ताओं की पत्नियों को चेक : धनबाद बार एसोसिएशन के दिवंगत दो अधिवक्ता बालेश्वर प्रसाद सिंह व सहदेव साव की पत्नी क्रमश: चंद्रकला देवी व कमला देवी को 5,18,100 और 5, 50000 रुपये का चेक स्टेट बार काउंसिल के सदस्यद्वय राधेश्याम गोस्वामी (बार अध्यक्ष) व प्रयाग महतो ने उनके घर जाकर दिया. उक्त राशि एडवोकेट वेल्फेयर फंड ट्रस्टी कमेटी रांची द्वारा मृत्युलाभ के रूप में दी गयी है. इधर धनबाद के दिवंगत अधिवक्ता गौर किशोर गांगुली (स्वतंत्रता सेनानी) के निधन पर शोक सभा 31 अक्तूबर को बार में करने का निर्णय लिया गया.

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