Haryana Politics : कांग्रेस के अंतर्कलह का फायदा उठा सकती है बीजेपी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Sep 2024 10:46 AM

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Haryana Politics : लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद भी हरियाणा में कांग्रेस क्यों टेंशन में है? क्या बीजेपी को कांग्रेस के अंतर्कलह का फायदा मिलेगा?

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Haryana Politics : लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद भी हरियाणा में कांग्रेस की टेंशन बढ़ी हुई है. दरअसल, प्रदेश में कांग्रेस में का तीन खेमा एक्टिव है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा अपने अलग-अलग खेमे के साथ आगे बढ़ रहे हैं. पार्टी आलाकमान की ओर से तमाम कोशिशें की जा रहीं हैं लेकिन इन तीनों के बीच के गुटबाजी को अब तक खत्म नहीं किया जा सका है.

कांग्रेस के अंतर्कलह का फायदा उठा सकती है बीजेपी

कांग्रेस को डर सता रहा है कि कहीं अंतर्कलह की वजह से तमाम सर्वे में बीजेपी से आगे रही कांग्रेस अपनी सीट न गंवा दे. फिर कहीं बीजेपी सत्ता पर काबिज ना हो जाए. जहां भूपेंद्र सिंह हुड्डा साधन संपन्न और संगठन में पकड़ रखते हैं. वहीं सुरजेवाला गुट नये लोगों को मौका देने की वकालत करता नजर आ रहा है. इस बीच लोकसभा चुनाव में दलित वर्ग का वोट कांग्रेस को ज्यादा मिलने की दुहाई देकर शैलजा खुद को सीएम के रूप में प्रोजेक्ट करने की बात कह रही है. बीजेपी भी कांग्रेस की इसी अंतर्कलह का फायदा उठाने का प्रयास कर रही है. यही वजह है कि वह कांग्रेस से सवाल करती है कि क्या कांग्रेस किसी दलित को सीएम बनाएगी?

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हरियाणा में कांग्रेस के लिए क्या है अवसर?

इस बार कांग्रेस सत्ता विरोधी लहर को भुनाने की कोशिश में लगी हुई है. इस साल हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इसका ट्रेलर पहले ही दिखा चुकी है. राज्य की 10 सीट में से कांग्रेस ने 5 सीट जीतकर बीजेपी को टेंशन दे दी है. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश की सभी 10 सीट पर जीत दर्ज की थी. भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला बीच खटपट नहीं हुई तो कांग्रेस पूरे दम के साथ चुनाव में जीत का दंभ भर सकती है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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