दक्षिण एशिया में कोविड-19 का सबसे बड़ा स्रोत बना तबलीगी जमात, दुनिया के अलग-अलग देशों के 1,500 लोग हुए थे जमा

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 03 Apr 2020 12:10 AM

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मलयेशिया के कुआलालंपुर में स्थित एक मस्जिद में आये लोगों से दक्षिण-पूर्वी एशिया में कोरोना वायरस का संक्रमण व्यापक पैमाने पर फैला है. खबरों के मुताबिक, 27 फरवरी से एक मार्च के बीच इस मस्जिद में एक आयोजन हुआ था, जिसमें कुल 16 हजार लोग शामिल हुए थे. इनमें करीब 1,500 लोग दुनिया के अलग-अलग देशों के नागरिक थे

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नयी दिल्ली : सेलतबलीगी जमात की वजह से दुनिया समेत भारत के कई हिस्सों में कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है. हालांकि, कहा जा रहा है कि यह कहानी इससे भी पहले की है जो मलयेशिया से जुड़ी हुई है. कहा जा रहा है कि मलयेशिया के कुआलालंपुर में स्थित एक मस्जिद में आये लोगों से दक्षिण-पूर्वी एशिया में कोरोना वायरस का संक्रमण व्यापक पैमाने पर फैला है. खबरों के मुताबिक, 27 फरवरी से एक मार्च के बीच इस मस्जिद में एक आयोजन हुआ था, जिसमें कुल 16 हजार लोग शामिल हुए थे. इनमें करीब 1,500 लोग दुनिया के अलग-अलग देशों के नागरिक थे. ज्यादातर लोग दक्षिण-पूर्व एशियाई थे. कार्यकम खत्म होने के बाद वहां से निकले लोग दूसरे देशों में गये और अचानक से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि देखी जाने लगी. बाद में जमात के लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने लगे और सभी देशों के कान खड़े होने शुरू हो गये. लेकिन, तबतक बहुत देर हो चुकी थी और दुनिया के कई ऐसे देशों और राज्यों में कोरोना फैल गया जहां पहले इसका कोई केस नहीं देखा गया था.

सबसे बड़ी बात यह है कि मलयेशिया में अभी तक कोरोना वायरस के जो 673 पॉजिटिव केस सामने आये हैं, उनमें वहां के सरकार ही मान रही है कि करीब दो-तिहाई मामले उस दौरान उस मस्जिद में मौजूद रहे लोगों के हैं. हालांकि, अभी तक यह बात सामने नहीं आयी है कि उस मस्जिद तक कोरोना वायरस का संक्रमण कहां से पहुंचा. इवेंट में शामिल कुछ लोगों ने बताया कि यहां इस वायरस का संक्रमण कैसे फैला. दरअसल, मलयेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के सिरी पेतालिंग इलाके में स्थित एक मस्जिद के इस्लामिक मूवमेंट तबलीगी जमात ने उस मस्जिद में एक कार्यक्रम का आयोजन कराया था. जमात की जड़ें सदियों पहले भारत से भी जुड़ी थीं. इस कार्यक्रम से जुड़े मलयेशिया के एक शख्स ने बताया कि एक दिन वह सभी से हाथ मिला रहा था. सबकुछ सहज था. कोई भी हाथ धोने के लिए नहीं कह रहा था. उसे नहीं पता था कि वहां कौन संक्रमित था और कौन नहीं.

मलयेशिया के स्वास्थ्य मंत्री ने भी आशंका जतायी थी कि इस वजह से वायरस के कई मामले सामने आये. दुनिया के कई देशों जैसै फिलिपिंस, ब्रुनेई, सिंगापुर, पाकिस्तान समेत कई देशों में ऐसे संक्रमित मिले जो मलयेशिया में इस कार्यक्रम में शामिल हुए थ. कहा जा रहा है कि इस कार्यक्रम की वजह से भारत में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े और कई मौतें भी दर्ज की गयीं. इस मस्जिद को अब बंद कर दिया गया है. भारत में भी तबलीगी जमात के कार्यक्रम में मलयेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों से कई लोग इकट्ठा हुए थे. यह अनुमान लगाया गया है कि टूरिस्ट वीजा पर करीब 70 देशों के 2,100 विदेशी लोग धार्मिक प्रचार के लिए पूरे भारत में फैले थे.

इन विदेशी नागरिकों में से ज्यादातर बांग्लादेश (493), इंडोनेशिया (472), मलयेशिया (150) और थाइलैंड (142) के हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 12 मार्च को पाकिस्तान के लाहौर शहर में भी दुनिया के 80 देशों के ढाई लाख लोग तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे. मीडिया रिपोर्ट कं मुताबिक, आयोजन स्थल पर इतनी ज्यादा भीड़ जुटी कि लोगों को खुले में जमीन पर सोना पड़ा. पकिस्तानी अधिकारियों ने धर्मगुरुओं से यह बैठक कैंसिल करने की अपील की लेकिन जमात ने उनकी यह अपील नहीं मानी.

निजामुद्दीन मरकज से लौटे लोगों में बढ़ते जा रहे कोरोना के मामले कोरोना वायरस के कहर के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में देशभर से हजारों जमाती शामिल हुए थे. तबलीगी जमात के मरकज से निकलने वाले लोगों ने पूरे देश को सकते में डाल दिया है, क्योंकि यहां पहुंचे कई लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है. पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे- वैसे शामिल होने के बाद देशभर में छिप गये लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है. कई सौ लोगों की पहचान कर उन्हें क्वारैंटिन किया गया है जबकि आगे भी खोजबीन जारी है.

राज्य जमात में शामिल लोग

पॉजिटिव मामले

उत्तराखंड 26 00

पंजाब 09 00

हरियाणा 22 00

दिल्ली 4,000 24

यूपी 569 06

गुजरात 13 00

मध्य प्रदेश 107 00

तेलंगाना 386 49

जम्मू-कश्मीर* 850 25

केरल 59 00

कर्नाटक 45 01

आंध्र प्रदेश 711 70

हिमाचल प्रदेश 17 00

असम 456 05

मेघालय 07 00

मणिपुर 10 00

झारखंड 11 00

ओड़िशा 03 00

अंडमान 11 10

तमिलनाडु** 1500 190*

टेस्ट हो रहे मामले भी शामिल** संपर्क में आनेवाले भी शामिल

जमात के कार्यक्रम में दुनिया के 16 देशों से जुटे थे

281 लोग इंडोनेशिया

72श्रीलंका

34म्यांमार

33किर्गिस्तान

28मलयेशिया

20नेपाल

09बांग्लादेश

09थाइलैंड

07फिजी

04इंग्लैंड

03अफगानिस्तान

01अल्जीरिया

01जिबूती

01सिंगापुर

01फ्रांस 01

कुवैत 01

पाकिस्तान में भी जमात को लेकर बवाल, 63 लोग मिले कोरोना पॉजिटिव- लाहौर में जमात के लोगों ने पुलिस पर चाकू से किया था हमला- स्थानीय लोग और सरकार ने किया था तबलीगियों का विरोध तबलीगी जमात ने पाकिस्तान की भी नींद उड़ा दी है. खबर है कि पंजाब और सिंध प्रांत में अब तक इससे जुड़े करीब 63 मामले पॉजीटिव पाये गये हैं जो देश के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं. यहां हाल ही में 11 से 15 मार्च के बीच रायविंड में एक जमात आयोजित की गयी थी जिसमें विदेशी लोगों को मिलाकर करीब 1200 लोग पहुंचे थे. पाकिस्तानी पेपर डॉन के मुताबिक पांच दिन तक चली इस जमात में करीब 500 लोग विदेशी थे. जब इस बारे में पाकिस्तानी सरकार को पता चला, तो उन लोगों की जांच कर क्वारैंटिन में भेजा गया लेकिन उनमें से कुछ लोग जाने को तैयार नहीं थे.

डॉन के मुताबिक जमात में पुहंचे लोगों को जब क्वारैंटिन किया जाने लगा, तो उनमें से कुछ सदस्यों ने वहां से भागने की कोशिश की और पुलिस पर चाकू से हमला कर दिया. पुलिस पर हमलाकर भागने वालों में से करीब 50 लोग थाइलैंड के थे. पाकिस्तान के सिंध के हेल्थ एंड पॉपुलेशन वेलफेयर मिनिस्ट्री के मीडिया कॉर्डिनेटर ने कहा कि नूर मस्जिद कराची की जमात करने की सबसे बड़ी दूसरी जगह थी. अब इस मस्जिद को सील कर दिया गया है. हैदराबाद के करीब 850 लोग पाकिस्तान की हुई इसी जमात में मौजूद थे जबकि 234 लोगों का सीधा संबंध नूर मस्जिद से है.

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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