Nerela Assembly Election Result 2025: बीजेपी के राज करण खत्री ने दर्ज की जीत, आप के उम्मीदवार शरद कुमार 8596 वोटों से हारे

Edited by Rajneesh Anand
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New Delhi Vidhan Sabha Chunav Result 2025

Nerela Vidhan Sabha Chunav Result 2025: दिल्ली विधानसभा की नरेला सीट पर बीजेपी उम्मीदवार राज करण खत्री ने जीत दर्ज की है. उन्होंने आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट शरद कुमार को पटकनी दी है. आप ने पहले तो अपने विधायक शरद कुमार चौहान का टिकट काटकर दिनेश भारद्वाज को टिकट दिया था, लेकिन नामांकन से पहले एक बार फिर शरद कुमार चौहान को टिकट दे दिया.

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Nerela Assembly Election Result 2025: दिल्ली विधानसभा की नरेला सीट पर बीजेपी ने जीत का परचम लहराया है. इस सीट से बीजेपी उम्मीदवार राज करण खत्री ने चुनाव जीता है. उन्होंने आम आदमी पार्टी के शरद कुमार को 8596 वोटों से मात दी है. राज करण खत्री को कुल 87215 वोट प्राप्त हुए हैं. वहीं आप के शरद कुमार के खाते में 78619 वोट आए हैं. नरेला विधानसभा क्षेत्र पर इस बार सबकी नजर टिकी रही. आम आदमी पार्टी ने यहां अंतिम समय में अपना प्रत्याशी बदल दिया था. मुकाबला त्रिकोणीय और कांटे का रहा. बीजेपी के उम्मीदवार राज करण खत्री और आप के वर्तमान विधायक शरद कुमार चौहान आमने सामने थे. वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी भी इनका खेल बिगाड़ने के लिए मैदान में हैं.

उम्मीदवारपार्टीवोट
शरद कुमार चौहानआप78619 (हारे)
राज करण खत्रीबीजेपी87215 (जीते)
अरुणा कुमारीकांग्रेस5924
विधानसभा चुनाव 2025

नरेला में कैसा है इस बार का मुकाबला

नरेला विधानसभा सीट का चुनाव 2025 में काफी रोचक हो गया है. आम आदमी पार्टी ने पहले तो अपने विधायक शरद कुमार चौहान का टिकट काटकर दिनेश भारद्वाज को टिकट दिया था, लेकिन नामांकन से पहले एक बार फिर शरद कुमार चौहान को टिकट दे दिया गया है. बीजेपी ने इस बार राज करण खत्री को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने अरुणा कुमारी को टिकट दिया है. आप और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.

क्या है नरेला सीट का इतिहास

नरेला विधानसभा सीट 1993 से 2008 तक पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा था. लेकिन 2008 के परिसीमन के बाद नरेला विधानसभा क्षेत्र उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट का हिस्सा बन गया है.नरेला सीट पर 1952 में जब चुनाव हुआ था, तो यहां से कांग्रेस नेता चौधरी मांगे राम विधायक चुने गए थे. 1972 में चौधरी हीरा सिंह राणा विधायक बने, वे भी कांग्रेस पार्टी के ही सदस्य थे. 1977 में यहां से जनता पार्टी के उम्मीदवार शांति स्वरूप विजयी हुए. 1983 में यहां से लोकदल के चौधरी हरिराम खत्री विजयी हुए थे. 1993 में बीजेपी के इंदराज सिंह विधायक बने.1998 और 2003 में यहां से कांग्रेस के नेता चरण सिंह कंडेरा विधायक चुने गए. 2008 में भी कांग्रेस पार्टी ही यहां से जीती और जसवंत सिंह राणा विधायक बने. 2013 में बीजेपी के नीलदमन खत्री चुनाव जीते. 2015 से यहां आप का कब्जा है और शरद कुमार चौहान विधायक हैं.

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लेखक के बारे में

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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