पटना एम्स में रेडिएशन थेरेपी के लिए तीन महीने की वेटिंग, कैंसर मरीजों की बढ़ी परेशानी

पटना एम्स अस्पताल का हाल यह है कि यदि मरीज इलाज के लिए यहां पहुंच भी जाये, तो रेडिएशन थेरेपी के लिए इतनी लंबी तारीख दे दी जाती है कि उसकी जिंदगी खतरे में दिखने लगती है. थेरेपी के लिए यहां दो से तीन महीने तक मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है.
आनंद तिवारी, पटना. कैंसर के संदर्भ में डॉक्टर यह सलाह देते रहे हैं कि इस बीमारी का शुरुआती स्टेज में ही पता लगाकर जल्द इलाज जरूरी है. मगर, पटना एम्स अस्पताल का हाल यह है कि यदि मरीज इलाज के लिए यहां पहुंच भी जाये, तो रेडिएशन थेरेपी के लिए इतनी लंबी तारीख दे दी जाती है कि उसकी जिंदगी खतरे में दिखने लगती है. थेरेपी के लिए यहां दो से तीन महीने तक मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है. यहां के कैंसर रोग विभाग में इलाज कराने आ रहे मरीजों को दी जाने वाली तारीख की रिपोर्ट के बाद इस मामले का खुलासा हुआ है.
जानकारों की मानें, तो पटना एम्स में सिर्फ एक रेडिएशन थेरेपी की मशीन है, जबकि यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज आते हैं. वर्तमान में यहां 80 से अधिक मरीज वेटिंग में चल रहे हैं. एक दिन में यहां करीब 10 से 12 मरीजों की थेरेपी की जाती है. जबकि एक थेरेपी में 40 मिनट से एक घंटे तक का समय लग जाता है. ऐसे में मरीजों को वेटिंग मिलती है.
वहीं रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रीतांजली सिंह ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश मरीज दिल्ली, मुंबई आदि बड़े राज्यों में पहले इलाज कराने के लिए जाते हैं. इनमें अधिकांश मरीजों को संबंधित अस्पतालों की ओर से रेडिएशन के लिए पटना एम्स में रेफर किया जाता है. भीड़ अधिक होने की वजह से वेटिंग देना मजबूरी हो जाती है. हालांकि अगर मरीज ज्यादा गंभीर हैं, तो सबसे पहले उसे थेरेपी करने का निर्देश दिया गया है.
पटना के कुम्हरार निवासी 62 वर्षीय प्रदीप दास को गले का कैंसर है. 3 अक्तूबर को वह पटना एम्स के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में इलाज कराने पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने रेडिएशन थेरेपी कराने को कहा. लेकिन परिजन जब थेरेपी सेंटर में पहुंचे तो वहां 1 दिसंबर की तारीख दी गयी, जबकि उनके परिजन अनूप सरकार का कहना है कि गले में कैंसर की वजह से मरीज की हालत गंभीर है. मुंबई के डॉक्टर भी जल्द से जल्द रेडिएशन कराने की सलाह दिये हैं.
बक्सर जिले की रहने वाली विभा कुमारी को रेडिएशन थेरेपी के लिए दिसंबर महीने की तारीख दी गयी. डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी कि जल्द इलाज कराना हो, तो दूसरे अस्पताल में रेडिएशन थेरेपी करा सकती हैं. महिला बच्चेदानी के कैंसर से पीड़ित हैं. पति दया शंकर ने बताया कि वह पटना में ही एक निजी कैंसर अस्पताल में रेडिएशन थेरेपी करा रहे हैं. आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए परेशानी की बात यहहै कि सरकारी क्षेत्र के अस्पतालों में रेडियोथेरेपी की सुविधाएं सीमित हैं.
थेरेपी रेडिएशन थेरेपी कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. रेडिएशन थेरेपी कैंसर सेल्स को रेडिएशन के माध्यम से मारने का तरीका है. लगभग दो तिहाई कैंसर रोगियों को बीमारी के दौरान रेडिएशन थेरेपी की आवश्यकता होती है. इसमें घातक और कुछ बिनाइन ट्यूमर के उपचार के लिए आयनकारी रेडिएशन (एक्स-रे) का उपयोग शामिल है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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