बिहार में कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट तेज, वैशाली के इन 4 नेताओं की बढ़ी धड़कनें

Edited by Preeti Dayal
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संजय सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद और दीपक प्रकश की तस्वीर

Bihar Cabinet: बिहार में कैबिनेट का विस्तार होना है. इससे पहले कई नेताओं के नाम पर चर्चा तेज हो गई है. इनमें वैशाली के 4 नेताओं संजय सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद और दीपक प्रकश को लेकर कयासों का सिलसिला तेज हो गया है.

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Bihar Cabinet: बिहार की सियासत इन दिनों तेज हलचल के दौर से गुजर रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे और भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव परिणाम के बाद बिहार में नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

वैशाली के इन नेताओं की चर्चा तेज

इसी कड़ी में वैशाली जिला के नेताओं की चिंता भी बढ़ गई है. पिछली सरकार में जिले से चार नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली थी. इनमें महुआ विधानसभा क्षेत्र से लोजपा रामविलास पार्टी के विधायक संजय सिंह, भाजपा से पातेपुर के विधायक लखेंद्र पासवान और औराई विधानसभा से विधायक रमा निषाद शामिल थीं. इसके अलावा जंदाहा के उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को भी मंत्रिमंडल में जगह मिला था.

किसकी होगी कुर्सी और किसका कटेगा पत्ता?

अब संभावित विस्तार को लेकर यह चर्चा जोरों पर है कि किसकी कुर्सी सुरक्षित रहेगी और किसका पत्ता कट सकता है. राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. सूत्रों के अनुसार, लखेंद्र पासवान की स्थिति कमजोर मानी जा रही है, जबकि महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भाजपा के फोकस के कारण रमा निषाद की दावेदारी मजबूत बताई जा रही है. उपेंद्र कुशवाहा के प्रभाव के चलते उनके खेमे की स्थिति भी मजबूत मानी जा रही है.

दूसरी ओर, संजय सिंह हाल के दिनों में विवादों में रहे हैं. महुआ की पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रोशन की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उनकी स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं. लेकिन संजय सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उन्हें जनता की सेवा का मौका फिर मिलेगा और केंद्रीय नेता चिराग पासवान का उन्हें समर्थन प्राप्त है.

मंत्रिमंडल में जगह बनाए रखने की होड़ में नेता हर संभव प्रयास कर रहे हैं. कोई दिल्ली का चक्कर लगा रहा है, तो कोई मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहा है. कुछ नेता जनता के बीच सक्रियता बढ़ा रहे हैं. अब सबकी निगाहें आगामी राजनीतिक फैसलों पर टिकी हैं. देखना दिलचस्प होगा कि वैशाली जिला से किन चेहरों को फिर से मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और किन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाता है.

वैशाली के मंत्रियों की प्रोफाइल: किसमें क्या है खास?

  1. संजय सिंह

महुआ से विधायक संजय सिंह को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का मजबूत चेहरा माना जाता है. वे लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और चिराग पासवान के करीबी माने जाते हैं. यही वजह रही कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पीएचईडी मंत्री बनाया. संगठन में पकड़ और शीर्ष नेतृत्व से नजदीकी उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है. लेकिन हालिया विवादों ने उनकी स्थिति को कुछ कमजोर भी किया है.

  1. लखेंद्र पासवान

पातेपुर से भाजपा विधायक लखेंद्र पासवान अनुसूचित जाति से आते हैं, जो भाजपा की सामाजिक समीकरण में अहम भूमिका निभाती है. इसी सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने उन्हें मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग मंत्री बनाया. संगठन में उनकी पकड़ और जमीनी स्तर पर सक्रियता उनकी खासियत है. लेकिन संभावित विस्तार में उनकी स्थिति को लेकर सबसे ज्यादा अटकलें लगाई जा रही हैं.

  1. रमा निषाद

रामनिषाद का राजनीतिक सफर दिलचस्प रहा है. पहले वे राजद से चुनाव लड़ने की तैयारी में थीं, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया. भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए औराई से टिकट दिया, जहां से वे जीतकर विधायक बनीं और बाद में पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग मंत्री पद भी मिला. महिला और पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधित्व के कारण उनकी दावेदारी मजबूत मानी जाती है.

  1. दीपक प्रकश

जंदाहा के निवासी उपेंद्र कुशवाहा का राजनीतिक प्रभाव किसी से छिपा नहीं है. वे राज्यसभा सांसद होने के साथ-साथ अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. उनके प्रभाव के चलते उनके बेटे को बिना किसी बड़े राजनीतिक अनुभव के सीधे पंचायती राज मंत्री बनने का मौका मिला. यह उनकी राजनीतिक पकड़ और गठबंधन की ताकत को दर्शाता है.

इन चारों नेताओं की अपनी-अपनी ताकत और राजनीतिक समीकरण हैं. अब मंत्रिमंडल विस्तार में किसकी किस्मत साथ देती है और किसकी कुर्सी खतरे में पड़ती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

(हाजीपुर से कैफ अहमद की रिपोर्ट)

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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