मामला हाइकोर्ट के आदेश पर सड़क पर बने मंदिर को हटाने गयी पुलिस पर पथराव का
Updated at : 28 Jan 2016 2:05 AM (IST)
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छोटी-सी चूक से हुई बड़ी वारदात गुप्त तरीके से होती कार्रवाई, तो नहीं होती घटना 16 घंटे के समय ने उपद्रवियों को दिया तैयारी का मौका हाजीपुर : शहर के बागमली मुहल्ले में हाइकोर्ट के आदेश पर सड़क से मंदिर हटाने गये प्रशासनिक और पुलिस दल पर भीड़ ने हमला कर उन्हें भागने को विवश […]
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छोटी-सी चूक से हुई बड़ी वारदात
गुप्त तरीके से होती कार्रवाई, तो नहीं होती घटना
16 घंटे के समय ने उपद्रवियों को दिया तैयारी का मौका
हाजीपुर : शहर के बागमली मुहल्ले में हाइकोर्ट के आदेश पर सड़क से मंदिर हटाने गये प्रशासनिक और पुलिस दल पर भीड़ ने हमला कर उन्हें भागने को विवश कर दिया. इस दौरान हुए भीषण पथराव में दर्जनाधिक अधिकारी और पुलिस जवान घायल हो गये. भीड़ ने एक दारोगा पर हमला कर उसकी सर्विस रिवाॅल्वर छीन लिया. इस मामले में पुलिस की रणनीतिक चूक के कारण इतनी बड़ी वारदात हो गयी.
घटनास्थल के निकट पहुंचने और कार्रवाई प्रारंभ करने के बीच लगभग 16 घंटे के समय ने उपद्रवियों को तैयारी का मौका दे दिया. यदि अभियान को गुप्त तरीके से कार्यरूप दिया जाता तब संभवत: इतनी बड़ी वारदात नहीं होती.
उपद्रवियों ने लिया तिरंगे का सहारा : सड़क पर अतिक्रमण कर मंदिर बनाये उपद्रवियों ने तिरंगे का सहारा लिया. पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी जब दल-बल के साथ मंदिर को हटा कर अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए स्थल पर पहुंचे तब देखा कि मंदिर पर तिरंगा लहरा रहा है. तिरंगा के सम्मान के खातिर जिला प्रशासन ने शाम पांच बजे जब झंडा उतार लिया जायेगा, कार्य प्रारंभ करने का निर्णय लिया और इसी कारण उपद्रवियों को तैयारी का मौका मिल गया.
उपद्रवियों ने किया वाहनों को आग के हवाले : हमलावरों ने एएसपी की सरकारी तवेरा गाड़ी और नगर पर्षद के दो ट्रैक्टरों को फूंक दिया. इस दौरान समाचार कवरेज कर रहे कई पत्रकारों को भी पथराव में चोटें आयीं और कई के कैमरे टूट गये. घटना के दौरान बागमली मुहल्ला पूरी तरह रणक्षेत्र में तब्दील रहा और हाजीपुर-लालगंज मार्ग पर 24 घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा. पथराव में घायल अधिकारियों एवं पुलिस जवानों का इलाज सदर अस्पताल में किया गया.
मुट्ठी भर उपद्रवियों ने किया जमकर हंगामा : घटना को लेकर 10 नामजद सहित सैकड़ों अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. पुलिस ने विरोध करने वालों का नेतृत्व कर रहे राजद के नगर अध्यक्ष सह नगर पार्षद सुभाष कुमार निराला को गिरफ्तार कर लिया है. घटनास्थल और आसपास में अब भी तनाव बना हुआ है.
घटना को लेकर आसपास की सभी दुकानें बुधवार को दूसरे दिन भी बंद रहीं. इस बीच राजद नेता की गिरफ्तारी के विरोध में मुहल्ले के लोगों ने शहर में प्रदर्शन करते हुए नगर थाने का घेराव भी किया. इसके पूर्व भी अज्ञात दो हजार लोगों पर प्राथमिकी तब दर्ज करायी गयी थी, जब पुलिस वहां अतिक्रमणमुक्त कराने गयी और उपद्रवियों ने हंगामा किया था.
इस मामले में नगर पुलिस की निष्क्रियता के कारण एक भी आदमी को चिह्नित करने या गिरफ्तार करने में पुलिस विफल रही.
नियोजित तरीके से हुआ पथराव : कार्रवाई की भनक लग जाने के कारण उपद्रवियों ने पुलिस प्रशासन की तुलना में ज्यादा तैयारी कर ली. उपद्रवी स्थानीय होने के कारण हर गली के हर घर से परिचित थे और रात्रि होने का लाभ उठाते हुए पूर्व नियोजित तरीके से पथराव किया. पथराव में एक दर्जन से अधिक महिला पुलिस के जवान और अन्य घायल हो गये. बेकाबू भीड़ के हमले के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पीछे हट गये.
प्रोपर्टी डीलरों की है खास भूमिका : पूरे मामले को जानने वाले स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क को अतिक्रमित करने और मंदिर बनाने से लेकर मंदिर को हटाने आये पदाधिकारियों के साथ मारपीट और लूटपाट को अंजाम देने में प्रोपर्टी डीलरों की खास भूमिका है. मंदिर के पीछे की जमीन के टुकड़ों की कीमत को कम करने और उसके पीछे बसे घरों का रास्ता बंद कर उन्हें सस्ते में बेच कर भगा दिये जाने की प्रोपर्टी डीलरों की साजिश के कारण ही यह मामला पैदा हुआ है. उन्हीं प्रोपर्टी डीलर के उकसावे पर लोग उपद्रव कर रहे हैं.
देर से गिरफ्तार किया नगर पार्षद को: नगर पुलिस ने राजद नगर अध्यक्ष सह नगर पार्षद सुभाष कुमार निराला को गिरफ्तार कर लिया. श्री निराला पर लोगों को भड़काने और उपद्रव करा कर सरकारी कार्य में बाधा पैदा कराने का आरोप है. पुलिस यदि चाहती तो कार्रवाई के पूर्व श्री निराला को हिरासत में लेकर स्थल पर जाती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसी चूक ने पुलिस-प्रशासन को एक बार फिर उपद्रवियों के आगे झुकने को विवश कर दिया.
राजनीतिक साजिश से हुई बागमली की घटना : राजद राजद नेताओं ने शहर के बागमली में मंदिर विवाद एवं उससे जुड़ी घटना को सोची समझी साजिश का परिणाम बताया है. पार्टी नेता ने न्यायालय का सम्मान और शहर में शांति के लिए लोगों से अपील की है. राजद के प्रदेश महासचिव विजय कुमार यादव, शहवाज सिद्दीकी, नंद कुमार यादव, पूर्व नगर अध्यक्ष जसीम अहमद, अधिवक्ता रंजीत यादव, विजय यादव, मुकेश सिंह, प्रो दिनेश लाल यादव, फैज खान, डाॅ योगेंद्र शर्मा, बाबू साहब, अभिमन्यु कुमार, नरेश पासवान, सहिंद्र पासवान, रंगम राय, मो. सरफराज, आफताब खान, दानिश हुसैन, राम लाल, पप्पू कुमार आदि नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए शांति कायम करने के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया.
पार्टी नेताओं ने मंदिर-मसजिद की राजनीति का विरोध करते हुए कहा कि जिला प्रशासन न्यायालय के निर्णय का पालन कर रहा था. सांप्रदायिक शक्तियों के इशारे पर उन्माद फैलाने की कोशिश की गयी. सरकार को बदनाम करने के लिए गरीब-गुरबों को धर्म के नाम पर उकसाया गया और उपद्रव फैलाने की कोशिश की गयी. इस मामले में राजद से जुड़े जो भी दोषी होंगे, उनके विरुद्ध पार्टी कार्रवाई करेगी.
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