जांच व एक्स-रे की जरूरत पड़ी तो अस्पताल में हाजिर हैं बिचौलिये

Updated at : 25 Dec 2015 5:16 AM (IST)
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जांच व एक्स-रे की जरूरत पड़ी  तो अस्पताल में हाजिर हैं बिचौलिये

हाजीपुर : सदर अस्पताल समेत तमाम सरकारी अस्पतालों में इलाज की मुकम्मल व्यवस्था का स्वास्थ्य विभाग दावा तो करता है, लेकिन अस्पतालों की स्थिति बता रही है कि दावे में दम नहीं है. अनुमंडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बात तो दूर, जिले के सदर अस्पताल की स्थिति भी नहीं सुधर पा […]

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हाजीपुर : सदर अस्पताल समेत तमाम सरकारी अस्पतालों में इलाज की मुकम्मल व्यवस्था का स्वास्थ्य विभाग दावा तो करता है, लेकिन अस्पतालों की स्थिति बता रही है कि दावे में दम नहीं है. अनुमंडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बात तो दूर, जिले के सदर अस्पताल की स्थिति भी नहीं सुधर पा रही है.

सदर अस्पताल में इलाज को आने वाले मरीजों के सामने बाकी परेशानियां तो अपनी जगह है, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ उठानी पड़ती है रेडियोलॉजिकल और पैथोलॉजिकल जांच के लिए. एक तो सदर अस्पताल में कई प्रकार की जरूरी जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं, जो सुविधाएं हैं, उनका लाभ मरीजों को नहीं मिलता.

अस्पताल प्रबंधन की उचित व्यवस्था और देखरेख के अभाव में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य तरह की जांच के लिए मरीजों को बरगला कर निजी जांच घरों तक पहुंचा दिया जाता है.

अल्ट्रासाउंड के लिए दिन भर इंतजार करते हैं मरीज : सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर दर्जनों मरीजों को अपना नंबर आने के इंतजार में पूरा दिन गुजारना पड़ता है. कई मरीजों को अगले दिन भी चक्कर लगाना पड़ जाता है. यहां की कुव्यवस्था मरीजों को रुला देती है. एक तो भूखे पेट और उस पर से पांच-छह घंटे की प्रतीक्षा.
इसके बाद भी उनका काम हो जाये, इसकी गारंटी नहीं. कन्हौली से आयी महिला रोगी कौशल्या देवी अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताती हैं कि कल भी दिन भर बैठ कर लौट गये. नाम नहीं पुकारा गया. जब डॉक्टर उठ कर चले गये, तो शाम को बताया गया कि कल आइए. मजबूरन फिर आज आना पड़ा.
एक्स-रे कराने में भी होती है परेशानी : सदर अस्पताल के एक्स-रे कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी है. मरीजों के बैठने की भी पर्याप्त जगह नहीं. मरीजों की शिकायत है कि वे कब से लाइन में खड़े हैं. उनकी बारी नहीं आयी, लेकिन बाद में आने वाले कई लोगों का एक्स-रे हो चुका. चकसिकंदर के मरीज रघुनाथ राम कर्मियों के रवैये से काफी नाराज थे. उनका कहना था कि दो घंटे से खड़े हैं और कोई आकर मिनटों में एक्स-रे करा कर लौट जा रहा है.
जांच घर में है 13 जांच की सुविधा : सदर अस्पताल के जांच घर में 13 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा उपलब्ध है. अस्पताल में अभी तक मलेरिया की जांच उपलब्ध नहीं है. चिकित्सक जो जांच लिखते हैं, उनमें कई तरह की जांच के लिए मरीजों को निजी जांच घर की शरण लेनी पड़ती है. सीधे-सादे मरीजों को जांच के नाम पर नाजायज पैसे चुकाने पड़ते हैं.
हालांकि जांच के मामले में पहले के मुकाबले स्थिति थोड़ी बेहतर हुई है. साल की शुरुआत में यहां सिर्फ 6 प्रकार की जांच होती थी, वहीं अब सात नयी जांच को मिला कर कुल 13 जांच की सुविधा उपलब्ध है.
सदर अस्पताल में होतीहै ये जांच
1. एसजीपीटी-लीवर की जांच.
2.एलब्युमिन-किडनी से संबंधित.
3.अल्काइन फास्फेट-पेट संबंधी रोग.
4.एमाइलेज-पेट की बीमारी के लिए.
5. क्रेटनिन-किडनी से जुड़ी जांच.
6.सीआरपी-दर्द, गठिया की शिकायत में.
7. बिलिरूबिन-जॉडिस की जांच.
8. एचडीएल कोलेस्टॉल-मोटापा, धड़कन.
9. ग्लूकोज-शूगर की जांच.
10.फास्फोरस-हड्डी रोग की जांच.
11. टोटल प्रोटीन-किडनी से संबंधित.
12.यूरिया-मूत्र रोग के लिए.
13.कोलेस्टॉल-हृदय रोग से संबंधित.
क्या कहते हैं अधिकारी
सदर अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं का लाभ सभी मरीजों को दिया जा रहा है. निकट भविष्य में और आवश्यक जांच की सुविधा बढ़ायी जायेगी. अस्पताल परिसर से बिचौलियों को बाहर करने के लिए सख्त हिदायत दी गयी है. यदि ऐसी शिकायत मिली, तो त्वरित कार्रवाई होगी.
डाॅ इंद्रदेव रंजन, सिविल सर्जन
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