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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बुझी प्यास

Updated at : 18 Apr 2019 7:26 AM (IST)
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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बुझी प्यास

महुआ : भीषण गर्मी व ऊपर से गहराता जल संकट. एक ओर जहां आसमान आग उगल रहा है वहीं दूसरी ओर घटते भू-जल स्तर से लोगों के हलक सूख रहे हैं. कभी न सूखने वाले कई ताल-पोखर सूख चुके हैं. अधिकांश चापाकल सूख चुके हैं और जो बचे हैं वे भी लोगों को पानी उपलब्ध […]

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महुआ : भीषण गर्मी व ऊपर से गहराता जल संकट. एक ओर जहां आसमान आग उगल रहा है वहीं दूसरी ओर घटते भू-जल स्तर से लोगों के हलक सूख रहे हैं. कभी न सूखने वाले कई ताल-पोखर सूख चुके हैं. अधिकांश चापाकल सूख चुके हैं और जो बचे हैं वे भी लोगों को पानी उपलब्ध कराने में हांफते नजर आ रहे हैं.

गांव में लगे सरकारी चापाकल हो या निजी चापाकल सबकी कहानी कुछ एक जैसी है. जो चापाकल पानी दे रहे हैं, वहां पानी लेने के लिए लोगों की लंबी कतार सुबह से लग जाती है. पानी के संकट से सिर्फ इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी व्याकुल नजर आ रहे हैं.
गर्मी के दस्तक के साथ ही महुआ के शहरी व ग्रामीण इलाके में लोगों को जल संकट रुलाने लगा है. एक ओर जहां करोड़ों रुपये की लागत से तैयार जलापूर्ति केंद्र इलाके की शोभा बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोग पानी के लिए सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं.
हर घर नल का जल योजना का लाभ भी सभी इलाके के लोगों को नहीं मिल रहा है. महुआ प्रखंड मुख्यालय के समीप लगभग एक दशक पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से बने जलापूर्ति केंद्र से आज तक लोगों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ.
अब तो स्थिति यह है कि जलापूर्ति के लिए बिछायी गयी पाइप लाइन व जगह-जगह लगाये गये वाटर स्टैंड पोस्ट भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. कई बार इसे चालू करने का प्रयास भी किया लेकिन एक-दो दिन के बाद पुन: इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. जल संकट से निजात दिलाने के लिए चलायी जा रही हर घर नल का जल योजना को भी प्रशासनिक उपेक्षा की नजर लग गयी है. पानी के लिए रोजाना किसी न किसी इलाके में लोग हंगामा-प्रदर्शन कर रहे हैं.
महुआ बाजार के गुलटेन सिंह, डॉ राधेबाबू, रेखा कुमारी, सुमित सिंह चंदन, मो सफदर, डॉ केएल सिंह, गोपाल साह, डॉ महेश चौधरी, संजीत कुमार, अमित कुमार, सरस्वती सिंह आदि बताते हैं कि पिछले कई वर्षों से गर्मी के दस्तक के साथ ही जल संकट की समस्या गंभीर हो जा रही है. बार-बार इसकी शिकायत के बावजूद पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.
वहीं एसडीओ रिची पांडेय ने बताया की बंद पड़े पानी टंकी को चालू कराने को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी से वार्ता की गयी थी लेकिन कई प्रकार के समस्या के कारण इसे चालू नहीं किया जा सका. हर घर नल का जल योजना के कार्यान्वयन की जांच कर जल्द ही सभी पंचायतों में इसका लाभ लोगों को दिलाया जायेगा.
क्या कहते हैं ग्रामीण
करोड़ों रुपये की लागत से बने पानी टंकी से आज तक एक बूंद पानी लोगों को नहीं मिला. इसे चालू कर देने से बाजार व आसपास के इलाके में पानी की समस्या से निजात मिल जाता.
सुमित कुमार सिंह, महुआ सिंहराय
भू-जल स्तर नीचे जाने से अधिकतर हैंडपंप सूख चुके हैं. पानी के लिए लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. इस समस्या के निदान के लिए प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए.
सरस्वती सिंह, समाजसेवी
महुआ बाजार के इलाके में पानी की समस्या इस कदर गंभीर हो गयी है कि लोगों को पीने के पानी के भी लाले पड़ गये हैं. पानी के लिए लोग त्राहिमाम कर रहे हैं.
रेखा कुमारी, गृहिणी लोहसारी रोड
गद्दोपुर गांव में एक पूर्व नल का जल योजना का शुभारंभ हुआ था, लेकिन आज तक लोगों को उसका लाभ नहीं मिला. इधर चापाकल सूख जाने से काफी परेशानी हो रही है.
रूबी कुमारी, गृहिणी गद्दोपुर
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