सनातन को खत्म करने की बात कह बुरे फंसे उदयनिधि स्टालिन, पटना की कोर्ट ने इस तारीख को किया तलब

Updated at : 15 Jan 2024 8:39 PM (IST)
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सनातन को खत्म करने की बात कह बुरे फंसे उदयनिधि स्टालिन, पटना की कोर्ट ने इस तारीख को किया तलब

तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदय निधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया, कोरोना बताये जाने के मामले में दायर परिवाद पत्र का एमपी-एमएलए कोर्ट के प्रभारी न्यायाधीश सारिका बहालिया ने सोमवार को संज्ञान पत्र जारी किया.

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पटना. सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन के आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में न्यायालय ने उनके खिलाफ संज्ञान पत्र जारी किया है और 13 फरवरी को पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया. तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदय निधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया, कोरोना बताये जाने के मामले में दायर परिवाद पत्र का एमपी-एमएलए कोर्ट के प्रभारी न्यायाधीश सारिका बहालिया ने सोमवार को संज्ञान पत्र जारी किया.

इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा

नेशन फर्स्ट डेमोक्रैटिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डा कौशलेंद्र नारायण की ओर से विवादित बयान को लेकर क्रिमिनल कंप्लेन केस नम्बर 8062/2023 चार सितंबर 2023 को दायर किया गया था. न्यायालय ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ आइपीसी की पांच धारा 153A,295A,298,500,504 के तहत संज्ञान लिया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ कौशलेंद्र नारायण ने बताया कि मामले में 16 दिसंबर को गवाही बंद हुई थी और विगत छह जनवरी को कोर्ट ने सम्मन जारी करने का आदेश दिया था.

चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था बयान

तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे और खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से कर दी थी. उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से कहा था कि कुछ चीजें हैं, जिन्हें हमें खत्म करना है और हम सिर्फ विरोध नहीं कर सकते. मच्छर, डेंगू, कोरोना और मलेरिया ऐसी चीजें हैं, जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, उन्हें खत्म करना होता है. सनातन धर्म भी ऐसा ही है. सनातन का विरोध नहीं, बल्कि उसे खत्म कर देना चाहिए.

सीजेएम कोर्ट ने मामले को एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किया

उदयनिधि स्टालिन के इस बयान को लेकर पटना हाईकोर्ट के वकील डॉक्टर कौशलेंद्र नारायण ने पिछले साल 4 सितंबर को पटना के सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था. सीजेएम कोर्ट ने मामले को एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया. इसके बाद बीते 6 जनवरी को एमपी एमएलए कोर्ट ने आईपीसी की पांच धाराओं में समन जारी करने का निर्देश दिया था. एमपी एमएलए कोर्ट ने आज यानी 15 जनवरी को समन जारी कर दिया है और 13 फरवरी को सशरीर कोर्ट में उपस्थित रहने को कहा है. स्टालिन के खिलाफ जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, उनमें 3 से 4 साल की सजा का प्रावधान है.

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