बिहार में 36 लाख लोगों को एक साथ भेजा जाएगा वज्रपात का अलर्ट, ये होगा फायदा

अलर्ट भेजने के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के डेटाबेस में सरकारी अधिकारी, जनप्रतिनिधि, जीविका , आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका व आशा सहित आमलोग भी शामिल हैं. इन सभी को एक साथ आपदा पूर्व जानकारी दी जा रही है.
बिहार में मॉनसून के दौरान सबसे अधिक लोगों की मौत व्रजपात से होती है. इन आपदाओं की जानकारी पहले लोगों तक पहुंचे, ताकि कम- से- कम लोग वज्रपात सहित अन्य आपदाओं की चपेट में आये. इसके लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जून तक का डेटाबेस तैयार किया है, जिसमें 36 लाख लोगों के नंबरों को जोड़ा गया है. जिन्हें मॉनसून में एक साथ ठनका, तेज आंधी व भारी बारिश की जानकारी भेजी जा रही है, ताकि कम- से -कम लोगों की मौत ठनका जैसी आपदा से हो.
जनप्रतिनिधियों को भेजा जाता है एसएमएस
प्राधिकरण के मुताबिक डेटाबेस में सरकारी अधिकारी, जनप्रतिनिधि, जीविका , आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका व आशा सहित आमलोग भी शामिल हैं. इन सभी को एक साथ आपदा पूर्व जानकारी दी जा रही है. प्राधिकरण ने इस सिस्टम को 24 घंटे अपडेट रखा है, ताकि किसी भी वक्त एसएमएस से लोगों को अलर्ट किया जा सके.
2023 मार्च से अब तक इतने को भेजा गया अलर्ट
प्राधिकरण के मुताबिक मार्च में गर्मी व अन्य आपदाओं के लिए 2748536 लोगों को अलर्ट भेजा गया. अप्रैल में वज्रपात, सड़क दुर्घटना व आंधी को लेकर 7091488 लोगों को अलर्ट भेजा गया. मई में वज्रपात व आंधी को लेकर लगभग 1948039 लोगों को अलर्ट भेजा गया है, जिससे लोगों को आपदाओं से बचने में सहूलियत हुई है.
अलर्ट से होगा फायदा, अधिकारियों व कर्मियों को मिली है ट्रेनिंग
एसएमएस अलर्ट से लोगों को फायदा होगा. इसको लेकर प्राधिकरण ने सभी सरकारी अधिकारियों एवं कर्मियों को ट्रेंड किया है, ताकि एसएमएस मिलने के बाद उससे कैसे लोगों को अलर्ट किया जा सकेगा. हाल के दिनों में राज्य में ठनका को लेकर जन जागरूकता अभियान भी चलाया गया है.
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ठनका से मरने वालों की संख्या
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2018 : 139
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2019 : 253
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2020 : 459
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2021 : 280
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2022 : 149
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2023 : अब तक 10 लोगों की पुष्टि हुई है
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By Prabhat Khabar News Desk
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