राज्य सरकार का फरमान को वामदलों ने बताया गैर जनतांत्रिक, दीपंकर ने कहा- तानाशाही कायम करना चाहती है सरकार

Updated at : 04 Feb 2021 1:29 PM (IST)
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राज्य सरकार का फरमान को वामदलों ने बताया गैर जनतांत्रिक, दीपंकर ने कहा- तानाशाही कायम करना चाहती है सरकार

भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने बुधवार को बैठक कर कहा है कि केंद्र की तानाशाही के तर्ज पर बिहार में तानाशाही का मॉडल विकसित हो रहा है.

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पटना . भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने बुधवार को बैठक कर कहा है कि केंद्र की तानाशाही के तर्ज पर बिहार में तानाशाही का मॉडल विकसित हो रहा है.

मोदी -योगी सरकार के नक्शे कदम पर चलते हुए कुछ दिन पहले ही बिहार सरकार ने सोशल मीडिया पर की गयी आलोचनाओं को अपराध की श्रेणी में डाल दिया था. अब प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों को नौकरी नहीं दिये जाने का फरमान जारी कर दिया गया है.

यह प्रतिवाद के लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म कर देने की साजिश है. पार्टी लोकतंत्र विरोधी निर्देशों को अविलंब वापस लेने की मांग करती है.उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में रोजगार एक बड़ा मुद्दा था. चुनाव के बाद बिहार के छात्र-नौजवान ठगा महसूस कर रहे हैं.

सरकार उनके साथ दुश्मन की तरह व्यवहार कर रही है और उनसे संवाद तक नहीं करना चाहती है. हाल में शिक्षक अभ्यर्थियों पर बर्बर लाठियां चलायी गयीं.

बैठक में उनके अलावा माले राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेंद्र झा, अमर, पटना नगर के सचिव अभ्युदय, समता राय, मुर्तजा अली, अशोक कुमार, अनय मेहता, नसीम अंसारी आदि नेता मौजूद थे.

राज्य सरकार का फरमान पूरी तरह गैर जनतांत्रिक : माकपा

माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि बिहार पुलिस मुख्यालय से जारी पत्र के अनुसार अगर कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करता है, आवाज उठाता है, तो उसे सरकारी नौकरी नहीं दी जायेगी.

बिहार राज्य कमेटी सरकार के इस फरमान की तीव्र निंदा करती है. यह गैर जनतांत्रिक है. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आम लोगों के अधिकारों को हनन करना चाहती है. बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी अपनी बहाली के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. नौजवान बेरोजगार हैं.

स्वास्थ्यकर्मी, छात्र, किसान,मजदूर, कर्मचारी, महिला सभी वर्गों के लोग अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ऐसे में इनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय इस तरह के फरमान सुनाना घोर गैर जनतांत्रिक है. माकपा बिहार की जनता से अपील करती है कि सरकार के इस तरह के फरमान का विरोध करें.

राकांपा ने भी की निंदा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राणा रणवीर सिंह ने बुधवार प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि धरना- प्रदर्शन में शामिल होने पर किसी भी तरह की सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी व धरना- प्रदर्शन करते पकड़े जायेंगे,उनका आचरण प्रमाणपत्र नहीं बनेगा. इस कानून की पार्टी निंदा करती है.

Posted by Ashish Jha

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