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Bihar: तेजस्वी ने बेटे इराज के नाम का बताया मतलब, बोले- भक्तों को सनातन का ज्ञान नहीं

Updated at : 22 Jun 2025 6:22 PM (IST)
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बेटे के जन्म के बाद तेजस्वी ने जारी किया था तस्वीर

बेटे के जन्म के बाद तेजस्वी ने जारी किया था तस्वीर

Bihar: तेजस्वी ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "लोग पूछते हैं कि इराज क्यों रखा, एजाज खान क्यों नहीं रख लिया. उन्हें नहीं पता कि इराज एक संस्कृत शब्द है. इसका अर्थ पवनपुत्र होता है. जो कि भगवान हनुमान जी का ही नाम है.

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Bihar: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने बेटे के नाम इराज लालू यादव को लेकर हो रही ट्रोलिंग का जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि जो लोग इस नाम पर आपत्ति जता रहे हैं, उन्हें न तो संस्कृत का ज्ञान है और न ही सनातन धर्म की समझ. 

संस्कृत का शब्द है इराज: तेजस्वी

तेजस्वी ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “लोग पूछते हैं कि इराज क्यों रखा, एजाज खान क्यों नहीं रख लिया. उन्हें नहीं पता कि इराज एक संस्कृत शब्द है. इसका अर्थ पवनपुत्र होता है, जो कि भगवान हनुमान का ही नाम है. ऐसे लोग सनातन धर्म के बारे में कुछ नहीं जानते.” तेजस्वी यादव ने इस ट्रोलिंग को भारतीय जनता पार्टी से जोड़ते हुए कहा, “भाजपा वालों को न संविधान की समझ है और न किसी संस्कृति की. उन्हें कुछ नहीं पता.”

लालू यादव ने रखा था पोते का नाम 

बता दें कि तेजस्वी के बेटे के नाम की घोषणा राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया पर की थी. उन्होंने बताया कि तेजस्वी की बेटी का जन्म नवरात्र के छठे दिन हुआ था, इसलिए उसका नाम ‘कात्यायनी’ रखा गया. उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए तेजस्वी के बेटे का जन्म मंगलवार को हुआ, जो हनुमानजी का दिन माना जाता है, इसलिए उसका नाम इराज रखा गया. 

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लोगों ने नाम को लेकर किया था ट्रोल 

लोगों ने सोशल मीडिया पर इराज नाम को लेकर सवाल खड़े किए, जिसके बाद इस नाम की उत्पत्ति और अर्थ को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं. संस्कृत में इराज का एक अर्थ पवनपुत्र यानी हनुमान भी है. इसके अतिरिक्त, इराज के अन्य अर्थों में कामदेव, फूल, खुशी, और आदि जल से उत्पन्न व्यक्ति भी शामिल हैं. हालांकि कुछ लोगों ने इराज नाम की इस व्याख्या पर आपत्ति भी जताई और इसे गलत बताया, लेकिन तेजस्वी यादव का कहना है कि नाम का चयन पूरी धार्मिक आस्था और ज्ञान के आधार पर किया गया है, न कि किसी दिखावे या राजनीति के लिए. 

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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