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Bihar: तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से शिक्षक परेशान, विश्वविद्यालय ने किया जल्द भुगतान का वादा

Updated at : 12 Sep 2025 8:42 PM (IST)
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Bihar: बीआरएबीयू में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानी काफी बढ़ गई है. शिक्षकों का कहना है कि वेतन भुगतान में देरी से उनका परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है.

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Bihar: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अतिथि शिक्षकों की सेवा नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 विषयों के कुल 375 अतिथि शिक्षकों की सेवा का नवीनीकरण कर दिया है. इसके साथ ही दो दर्जन से अधिक शिक्षकों का तबादला भी किया गया है, जिस पर सवाल भी उठ रहे हैं. कुलसचिव प्रो. समीर कुमार शर्मा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आदेश एक जुलाई से प्रभावी माना जाएगा. विश्वविद्यालय के कॉलेजों और विभागों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान है. इनकी सेवा 11 महीने यानी जुलाई से मई तक के लिए होती है और हर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में इसका नवीनीकरण किया जाता है.

नवीनीकरण के साथ तबादलों पर उठे सवाल

विश्वविद्यालय की यूनिवर्सिटी सेलेक्शन कमेटी की अनुशंसा पर 375 अतिथि शिक्षकों की सेवा नवीनीकरण का आदेश जारी किया गया है. विभिन्न विषयों के दो दर्जन से अधिक शिक्षकों का तबादला भी किया गया है. इसे लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा है कि कुछ शिक्षकों को सिफारिश के आधार पर नहीं हटाया गया, जबकि जिनकी पहुंच नहीं थी, उनका तबादला कर दिया गया. यह मुद्दा शिक्षकों के बीच तनाव का कारण बन रहा है.

विषयवार अतिथि शिक्षकों की संख्या

विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, सबसे अधिक अतिथि शिक्षक जूलॉजी (47), हिस्ट्री (44), बॉटनी (39), पॉलिटिकल साइंस (36), केमिस्ट्री (31), कॉमर्स (25) और फिजिक्स (24) विषय में है. इनके अलावा, मैथमेटिक्स (19), फिलॉसफी (17), हिंदी (15), होम साइंस (14), संस्कृत (13), जियोग्राफी (12) और इकोनॉमिक्स (11) विषय में भी शिक्षक कार्यरत है. अन्य विषयों में इनकी संख्या 10 से कम है.

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तीन महीने से वेतन का इंतजार, बढ़ी परेशानी

बीआरएबीयू में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानी काफी बढ़ गई है. शिक्षकों का कहना है कि वेतन भुगतान में देरी से उनका परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है. समय पर वेतन न मिलने से उनकी शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है. उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नवीनीकरण की अधिसूचना जारी न होने के कारण ही वेतन भुगतान रुका हुआ था. अब जल्द ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे शिक्षकों को राहत मिल सके.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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