उद्योग में फिसड्डी बिहार को मिली बड़ी कामयाबी, पढ़िए कैसे राष्ट्रीय एमएसएमई अवार्ड के लिए हुआ चयनित

Updated at : 27 Jun 2022 8:11 PM (IST)
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उद्योग में फिसड्डी बिहार को मिली बड़ी कामयाबी, पढ़िए कैसे राष्ट्रीय एमएसएमई अवार्ड के लिए हुआ चयनित

Patna Shahnawaz news: प्रदेश के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने सोमवार को यहां प्रेसवार्ता में कहा कि पिछले डेढ़ साल में बिहार में छोटे-बड़े उद्योगों की स्थापना और राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतरीन माहौल तैयार करने के लिए बेइन्तहा कोशिशें की गयी है.

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पटना. प्रदेश के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने सोमवार को यहां प्रेसवार्ता में कहा कि पिछले डेढ़ साल में बिहार में छोटे-बड़े उद्योगों की स्थापना और राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतरीन माहौल तैयार करने के लिए बेइन्तहा कोशिशें की गयी है. राज्य के औद्योगिकीकरण की इन कोशिशों में युवाओं को भी बड़ा भागीदार बनाने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं का चयन किया गया, जिन्हें कुल 10 लाख रुपए की रकम (05 लाख अनुदान और 05 लाख मामूली ब्याज पर ऋण ) दी जा रही है. शाहनवाज ने कहा कि उद्योग क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी हासिल की है. इस महीने की आखिरी तारीख 30 जून को प्रधानमंत्री के हाथों दिये जाने वाले राष्ट्रीय एमएसएमई अवार्ड -2022 के लिए चुने गये राज्यों में बिहार भी शामिल है.

बिहार को पीएम के हाथों एमएसएमई अवार्ड की कैटेगरी में मिलेगा द्वितीय पुरस्कार

शाहनवाज हुसैने कहा कि बिहार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों एमएसएमई अवार्ड की कैटेगरी में द्वितीय पुरस्कार मिलेगा, लेकिन औद्योगिकीकरण की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे बिहार के लिए यह बहुत बड़ा प्रोत्साहन है. बिहार के औद्योगिकीकरण का पूरा दारोमदार एमएसएमई सेक्टर पर है. बिहार में पिछले डेढ़ साल में जो करीब 36 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आये हैं, उनमे से ज्यादातर एमएसएमई सेक्टर के दायरे में आते हैं. शाहनवाज ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुयी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना जो उस समय सिर्फ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए थी, उसकी सफलता और इसमें अपार संभावनाओं को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में इसका जबरदस्त विस्तार दिया गया और यह योजना अनसुचित जाति, अनुसूचित जनजाति के साथ अतिपिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और युवा एवं महिलाएं हर किसी के लिए शुरू की गयी. आज बिहार के हर जिले में मुख्यमंत्री उद्यमी योजनओं के लाभार्थियों को प्रशिक्षण देकर उद्यम शुरू करने के लिए 10 लाख रुपए की रकम दो किस्तों में दी जा रही है. इससे राज्य में उद्यमिता के विकास का शानदार माहौल बना है.

प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं के तहत लगने वाली इकाईयां बिहार में एमएसएमई सेक्टर के ग्रोथ में अभूतपूर्व भागीदारी निभा रही हैं. मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं के तहत अबतक पूरे राज्य में चार हजार से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम दर्जे की औद्योगिक इकाईयों ने कमर्शियल उत्पादन शुरू कर दिया है, जिनमे 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है.उद्यमी योजनाओं के तहत चयनित पूराने और नये लाभार्थियों द्वारा उद्यम शुरू किये जाने के बाद एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

पीएम काभी जोरएमएसएमआई सेंक्टर को मिले मजबूती

शाहनवाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी जोर है कि पूरे देश में एमएसएमई सेक्टर को मजबूती मिले और हमारी भी कोशिश है कि बिहार के औद्योगिकीकरण में एमएसएमई सेक्टर महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाए. इसलिए एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित करने वाले चाहे केन्द्र सरकार की योजना हो या राज्य सरकार की, इस पर हमारा और हमारे विभाग का पूरा ध्यान रहता है .

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