सुपौल में नदी की धारा रोककर बना दिए पोखर, बरसात से पहले बढ़ी बाढ़ की आशंका

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सुपौल में नदी की धारा रोककर बना दिए पोखर, बरसात से पहले बढ़ी बाढ़ की आशंका

धारा रोककर बना डाले दर्जनों पोखर, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

Supaul News: सुपौल के पिपरा प्रखंड में हिमालयी तिलावे नदी पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है. आरोप है कि दबंगों ने जेसीबी और पोकलेन मशीनों से नदी की धारा को काटकर कई पोखर बना लिए हैं. हैरानी की बात यह है कि यह सब थाना और प्रखंड मुख्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर हो रहा है.

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कटैया-निर्मली (सुपौल) से इंद्रभूषण की रिपोर्ट

Supaul News: पिपरा थाना क्षेत्र में तिलावे नदी की प्राकृतिक धारा के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने नदी की धारा को बाधित कर अवैध रूप से कई पोखर बना लिए हैं, जिनका उपयोग मछली पालन के लिए किया जा रहा है. इस पूरे मामले ने प्रशासनिक निगरानी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों को आशंका है कि बरसात के दौरान इसका गंभीर असर आसपास के गांवों पर पड़ सकता है.

नदी की धारा पर चल रहा अवैध खेल

स्थानीय लोगों के अनुसार एनएच 106 पर स्थित कमलपुर पुल के दोनों ओर जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से नदी की प्राकृतिक संरचना को बदल दिया गया है. नदी के भीतर और किनारे आधा दर्जन से अधिक छोटे-बड़े पोखर तैयार किए गए हैं. इन पोखरों में बड़े पैमाने पर मछली पालन किया जा रहा है, जिससे लाखों रुपये की कमाई होने की बात कही जा रही है.

बरसात में बढ़ सकता है जलजमाव और बाढ़ का खतरा

तिलावे नदी क्षेत्र के लिए जल निकासी का महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि नदी की मूल धारा प्रभावित होने से बारिश के मौसम में पानी के बहाव में बाधा आ सकती है. इससे आसपास के गांवों में जलजमाव, कटाव और बाढ़ जैसी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है. नदी किनारे रहने वाले परिवारों में इसे लेकर चिंता का माहौल है.

सीओ ने माना अवैध, नोटिस जारी

मामले पर अंचलाधिकारी उमा कुमारी ने कहा कि उनके हड़ताल पर रहने के दौरान कुछ लोगों ने नदी को प्रभावित करने की मंशा से अवैध रूप से पोखर बना लिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह गैर-कानूनी कार्य है. संबंधित लोगों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किया गया है. जवाब मिलने के बाद वरीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी और आवश्यक होने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी.

नदी की मूल धारा बहाल करने की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि अवैध पोखरों को भरवाकर तिलावे नदी की मूल धारा को बहाल किया जाए, ताकि बरसात के दौरान किसी संभावित आपदा और जन-धन के नुकसान से बचा जा सके. लोगों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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