शारदीय नवरात्र 22 से शुरू, इस बार 10 पूजा व 11वीं यात्रा का दुर्लभ योग

मंदिर परिसर में बनाये जा रहे पंडाल व गेट
– पूजन सामग्रियों से पटा बाजार – मंदिर परिसर में बनाये जा रहे पंडाल व गेट सुपौल. शारदीय नवरात्र इस वर्ष सोमवार, 22 सितंबर से आरंभ होकर गुरुवार, 02 अक्टूबर को देवी यात्रा एवं विजयादशमी के साथ संपन्न होगा. इस बार भक्तों के लिए विशेष संयोग बना है 10 दिन की पूजा एवं 11वीं यात्रा का दुर्लभ अवसर है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष माता दुर्गा गज (हाथी) पर आगमन कर रही हैं, जिसका फल वर्षा और समृद्धि है. वहीं, माता का प्रस्थान नरवाहन (मनुष्य वाहन) पर होगा, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है. यह संयोग समाज में सुख, शांति और सौख्य प्रदान करने वाला है. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 5:59 से 7:27 बजे तक अति विशिष्ट मुहूर्त है. दूसरा मुहूर्त: 8:59 बजे से दोपहर 3:03 बजे तक सर्वोत्तम है. पंडित आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र ने बताया कि 28 सितंबर को गज पूजा एवं बेलनोती (बिल्वाभिषेक), 29 सितंबर को बेलतोरी, नवपत्रिका प्रवेश, सरस्वती पूजा, महारात्रि एवं जागरण, 30 सितंबर (मंगलवार) को महाष्टमी व्रत, दीक्षाग्रहण, 01 अक्टूबर को महानवमी, त्रिशूलिनी पूजा, बलिदान एवं हवन तथा 02 अक्टूबर को विजयादशमी, अपराजिता पूजा, देवी विसर्जन एवं व्रत पारण होगा. मैथिल पंडित आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र ने बताया कि पुराणों में वर्णित है कि भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने हेतु नौ दिनों तक भगवती दुर्गा की आराधना की थी. इसी प्रकार भगवान कृष्ण के पिता ने भी श्यामंतक मणि विवाद में पुत्र की पुनः प्राप्ति के लिए नवरात्रि व्रत किया था. उन्होंने कहा कि श्रद्धा, नियम और विधि-विधान से की गई दुर्गा उपासना मनोवांछित फल प्रदान करती है. पूजन सामग्री से सजा बाजार जिला मुख्यालय बाजार में चहुंओर पूजन सामग्रियों की दुकानें सजी रही. सड़क किनारे सजी इन दुकानों में नारियल, मिट्टी के बर्तन, कलश, माता की चुनरी आदि की बिक्री की जा रही थी. इस दौरान लोगों की भारी भीड़ जुटी रही. जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी शामिल थे. श्रद्धालुओं द्वारा पूजन सामग्री, प्रसाद व माता की चुनरी, माला आदि की खरीदारी की जा रही थी. पर्व के मौके पर फलों की कीमत में बढ़ोतरी नवरात्रा को लेकर बाजारों में फलों की दुकानें सज गयी है, लेकिन महंगाई के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सेब 60-80 रुपये किलो, केला 30-40 रुपये प्रति दर्जन, नारियल 30-35 रुपये पीस, अनार 100 रुपये किलो बिक रहा था. वहीं मिट्टी के कलश 20 रुपये पीस, धूपदानी 10 रुपये, दीया बड़ा 10 रुपये, छोटा दीया 02 रुपये, चुनरी 10 रुपये से लेकर 400 रुपये, आर्टिफिशियल दीप 15 रुपये से 40 रुपये, माला 15 से 250 रुपये में बिक रहा था.
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