सुपौल में सखी वार्ता : महिलाओं को बाल विवाह और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ को किया गया जागरूक

Updated:
विज्ञापन

कार्यक्रम में मौजूद अतिथि व महिलाएं. | Prabhat Khabar Network

सदर प्रखंड में महिला एवं बाल विकास निगम और समाज कल्याण विभाग द्वारा सखी वार्ता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा.

विज्ञापन

बालिकाओं एवं महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के अधीन जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन सुपौल की ओर से सदर प्रखंड के पंचायत सरकार भवन, बकौर में सखी वार्ता-सह-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों तथा सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी.

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना रहा. इस दौरान लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह प्रतिषेध तथा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सम्मान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी.

सरकारी योजनाओं की दी गयी जानकारी

कार्यक्रम में एसबीआई रसेटी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सहित महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी. प्रतिभागियों को योजनाओं की पात्रता, मिलने वाले लाभ और आवेदन की प्रक्रिया समझायी गयी.

महिलाओं को संबंधित विभाग और कार्यालय से संपर्क कर पात्र योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया. वक्ताओं ने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी होने से महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक बन सकती हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त होने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं.

लैंगिक भेदभाव खत्म करने पर जोर

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि लैंगिक भेदभाव समाज के समग्र विकास में बड़ी बाधा है. बालिकाओं को शिक्षा, अवसर और सम्मान में समान अधिकार मिलना जरूरी है. समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देने की आवश्यकता है.

महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया. वक्ताओं ने कहा कि अधिकारों की जानकारी और सरकारी सेवाओं तक पहुंच महिलाओं के सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार है.

बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रयास की अपील

बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए कार्यक्रम में कहा गया कि इसके उन्मूलन के लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर प्रयास करना होगा. कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

वक्ताओं ने समाज के सभी वर्गों से बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की. साथ ही बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया.

महिला सेविकाओं ने भी लिया हिस्सा

कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक हरिनारायण कुमार और लैंगिक विशेषज्ञ नीतू कुमारी ने उपस्थित महिलाओं एवं सेविकाओं को विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी. लैंगिक विशेषज्ञ मो तारीक सिद्धकी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.

इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षिका सुलोचना कुमारी के अलावा रामदत्तपट्टी, बकौर और गोपालपुर सिरे पंचायत की सेविकाओं सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया.


विज्ञापन
राजीव कुमार झा

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन