बीएनएमयू में नए सहायक प्राध्यापकों का Orientation, अब ग्रामीण कॉलेजों में बढ़ेगी उच्च शिक्षा की रफ्तार

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मौके पर संविदा सहायक प्राध्यापक. | Prabhat Khabar Network

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय ने नवचयनित सहायक प्राध्यापकों के लिए एक महत्वपूर्ण ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रक्रियाओं से परिचित कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना है.

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भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक के रूप में चयनित अभ्यर्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशासनिक परिसर स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति ने की. इसमें हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र विषयों में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सभी नवसृजित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रभारी प्रधानाचार्य मौजूद रहे.

कार्यक्रम के दौरान नवचयनित शिक्षकों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराया गया. उन्हें CBCS सिस्टम, CIA, Credit और महाविद्यालय स्तर पर संचालित विभिन्न अकादमिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गयी. अधिकारियों ने शिक्षकों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था के अनुरूप जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा जतायी.

कक्षा के साथ अकादमिक गतिविधियों में भी दें योगदान

कुलपति ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पर बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक केवल कक्षा संचालन तक सीमित न रहें, बल्कि महाविद्यालय के अन्य अकादमिक कार्यों में भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से सहयोग करें. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन नवचयनित शिक्षकों से शैक्षणिक विकास में सक्रिय और अपेक्षित सहयोग की उम्मीद करता है.

कुलपति ने महिला अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि दूर-दराज के महाविद्यालयों में कार्य करने के दौरान यदि आवास आदि की आवश्यकता होगी तो विश्वविद्यालय स्तर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा.

ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जैनेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार ने नवसृजित राजकीय डिग्री कॉलेजों की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की है. इन कॉलेजों में चयनित शिक्षकों के योगदान से स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा को नई गति मिलेगी.

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ही डिग्री कॉलेज उपलब्ध होने से छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय जाने की परेशानी कम होगी. स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से छात्राओं में उच्च शिक्षा हासिल करने को लेकर नया उत्साह पैदा होगा और अधिक संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा से जुड़ सकेंगे.

दस्तावेजों की जांच के बाद शिक्षकों ने किया योगदान

ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों ने आवंटित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य के समक्ष योगदान दिया. स्थापना शाखा की ओर से आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गयी और योगदान की प्रक्रिया पूरी करायी गयी.

नवनियुक्त सभी सहायक प्राध्यापक अब अपने-अपने आवंटित महाविद्यालयों में पठन-पाठन की जिम्मेदारी संभालेंगे. इनके योगदान से नवसृजित राजकीय डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है.


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कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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