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कायाकल्प योजना के तहत सदर अस्पताल का हुआ मूल्यांकन

Updated at : 23 Dec 2025 7:22 PM (IST)
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कायाकल्प योजना के तहत सदर अस्पताल का हुआ मूल्यांकन

स्वास्थ्य सेवा की वास्तविक स्थिति से संतुष्ट हुए टीम के सदस्य

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– स्वास्थ्य सेवा की वास्तविक स्थिति से संतुष्ट हुए टीम के सदस्य सुपौल. सदर अस्पताल में कायाकल्प योजना के तहत सोमवार को एसेसमेंट (मूल्यांकन) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई. इस अवसर पर सदर अस्पताल अररिया से आये विशेषज्ञ टीम ने अस्पताल के सभी प्रमुख एवं सहायक विभागों का गहन निरीक्षण किया. एसेसमेंट टीम का नेतृत्व डिप्टी सुपरिटेंडेंट, सदर अस्पताल अररिया डॉ राजेंद्र प्रसाद ने किया. टीम में अस्पताल प्रबंधक विकास कुमार, डीक्यूएसी अररिया की सदस्य डॉ मधुमाला एवं प्रसव कक्ष प्रभारी मनीषा कुमारी शामिल रही. निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, स्वच्छता प्रबंधन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, रोगी सुविधाएं, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था, विद्युत व जल आपूर्ति, दवा भंडारण, ओपीडी एवं आईपीडी सेवाएं, प्रसव कक्ष, एसएनसीयू, लैब, इमरजेंसी वार्ड, ऑपरेशन थियेटर सहित सभी विभागों का बारीकी से मूल्यांकन किया. कायाकल्प योजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच की गई. टीम ने निरीक्षण के क्रम में अस्पताल कर्मियों से संवाद कर कार्यप्रणाली की जानकारी ली तथा आवश्यक अभिलेखों का अवलोकन किया. साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों से फीडबैक प्राप्त कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया. इस दौरान स्वच्छता एवं मरीज सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया. इस अवसर पर डीपीएम बालकृष्ण चौधरी, डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ नूतन वर्मा, डीक्यूएसी सुपौल की सदस्य डॉ रूबी, अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद सहित सभी विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे. सभी ने एसेसमेंट टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई तथा अस्पताल की उपलब्धियों एवं चुनौतियों से अवगत कराया. एसेसमेंट टीम ने निरीक्षण के दौरान कई बिंदुओं पर संतोष व्यक्त किया. वहीं कुछ क्षेत्रों में और बेहतर सुधार की आवश्यकता भी बताई. टीम ने साफ-सफाई की निरंतरता, सूचना बोर्डों की स्पष्टता, रिकॉर्ड संधारण एवं संक्रमण नियंत्रण उपायों को और सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया. साथ ही प्रसव कक्ष एवं नवजात शिशु देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं की सराहना की गई. डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं मरीज-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल सुपौल भविष्य में सभी मानकों पर और बेहतर प्रदर्शन करेगा. वहीं अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि एसेसमेंट के दौरान प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे. प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि सदर अस्पताल सुपौल को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट केंद्र बनाने हेतु निरंतर प्रयास जारी रहेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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