पिपरा के शिक्षा जगत में नया सवेरा: सांसद दिलेश्वर कामेत ने किया नए राजकीय डिग्री कॉलेज का भव्य उद्घाटन

फीता काटकर उद्घाटन करते सांसद | Prabhat Khabar Network
पिपरा में एक नए डिग्री कॉलेज का भव्य उद्घाटन हुआ है, जिससे स्थानीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खुल गए हैं। सांसद दिलेश्वर कामेत ने इसे क्षेत्र के चौमुखी विकास की नई इबारत बताया है।
सुपौल सांसद दिलेश्वर कामेत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिलापट्ट का अनावरण कर और फीता काटकर महाविद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया. इस दौरान शैक्षणिक सत्र 2026-27 का भी विधिवत आगाज किया गया. उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार (पटना) के सचिव के निर्देश पर राज्यभर में एक साथ संचालित किए जा रहे उद्घाटन कार्यक्रम की कड़ी में पिपरा का यह स्वर्णिम समारोह आयोजित हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में लोग गवाह बने.
अब उच्च शिक्षा के लिए नहीं करना होगा पलायन: सांसद दिलेश्वर कामेत
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामेत ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आज पिपरा के लिए अत्यंत गर्व और गौरव का दिन है. अब हमारे क्षेत्र के बेटे-बेटियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए सुपौल, सहरसा या दरभंगा जैसे सुदूर शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. यह कॉलेज पिपरा के चौमुखी विकास की नई इबारत लिखेगा. उन्होंने मुख्यमंत्री के विजन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार का सपना है कि बिहार का कोई भी छात्र पैसे और दूरी के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित न रहे, और यह संस्थान गरीब, पिछड़े और विशेषकर बेटियों के लिए वरदान साबित होगा.
इस नए कॉलेज से बदलेगी पिपरा की पूरी तस्वीर
ग्रामीण क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना से स्थानीय स्तर पर कई बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे:
- आर्थिक बोझ से मुक्ति: अब तक स्नातक की पढ़ाई के लिए छात्रों को करीब 40 से 50 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिससे रोजाना 200 से 300 रुपये का यात्रा खर्च आता था. कॉलेज खुलने से अब यह राशि पूरी तरह बचेगी.
- बालिका शिक्षा को बढ़ावा: दूर जाने की बाध्यता और सुरक्षा कारणों से पढ़ाई छोड़ देने वाली ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं अब बिना किसी रोक-टोक के स्नातक कर सकेंगी, जिससे लड़कियों के ड्रॉपआउट रेट में भारी कमी आएगी.
- स्थानीय रोजगार और व्यापार: कॉलेज शुरू होने से शिक्षकों, लिपिकों और चतुर्थवर्गीय कर्मियों के रूप में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा. इसके साथ ही आसपास के इलाकों में कोचिंग संस्थान, स्टेशनरी की दुकानें, हॉस्टल और अन्य छोटे-बड़े व्यवसाय भी पनपेंगे.
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: क्षेत्र में शैक्षणिक माहौल मजबूत होने से स्थानीय स्तर पर अब छात्र-छात्राओं के बीच आईएएस (IAS), बीपीएससी (BPSC), और एसएससी (SSC) जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नया बल मिलेगा.
शिक्षाविदों और ग्रामीणों में हर्ष, सरकार की सौगात को सराहा
कॉलेज के उद्घाटन पर स्थानीय शिक्षाविदों और वरिष्ठ शिक्षकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस महाविद्यालय से पिपरा का शैक्षणिक मानचित्र पूरी तरह बदल जाएगा और अब यहां के ग्रामीण परिवेश से भी होनहार छात्र देश का नाम रोशन करेंगे. वहीं समारोह में मौजूद ग्रामीणों ने भावुक होकर सरकार के इस फैसले की सराहना की. ग्रामीणों का कहना था कि अब उनकी बेटियों को 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर नहीं होना पड़ेगा, यह उनके पूरे परिवार के लिए सबसे बड़ी सौगात है.
पिपरा में डिग्री कॉलेज का खुलना केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव है. शिक्षा के इस मंदिर से समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा.
इस भव्य उद्घाटन समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, विभिन्न पंचायतों के मुखिया व जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे.
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लेखक के बारे में
By इंद्रभूषण कुमार
इंद्रभूषण प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. कटैया निर्मली (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.
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