तेज धूप और रुक-रुक कर बारिश के बीच शुरू हुई धान रोपनी, अनियमित मौसम से किसान चिंतित

Paddy Transplanting Weather: सुपौल में तेज धूप और रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच किसानों ने धान की रोपनी शुरू कर दी है. पंपसेट से सिंचाई करने के कारण खेती की लागत बढ़ी है, जबकि अब अत्यधिक बारिश और जलजमाव की आशंका किसानों की चिंता बढ़ा रही है.
सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट
Paddy Transplanting Weather: जिले में खरीफ फसल के प्रमुख सीजन के बीच किसानों ने धान की रोपनी शुरू कर दी है. हालांकि मौसम का लगातार बदलता मिजाज किसानों की चिंता बढ़ा रहा है. कभी तेज धूप और उमस तो कभी अचानक हो रही बारिश के कारण खेती-किसानी प्रभावित हो रही है. इसके बावजूद किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद के साथ खेतों में धान की रोपाई में जुटे हैं.
प्रमुख बिंदु
- सुपौल में किसानों ने धान की रोपनी शुरू की.
- तेज धूप और अनियमित बारिश से खेती प्रभावित.
- पंपसेट के सहारे सिंचाई करने से बढ़ी खेती की लागत.
- अब अत्यधिक बारिश और जलजमाव की सता रही चिंता.
- कृषि विशेषज्ञों ने नियंत्रित जलस्तर बनाए रखने की सलाह दी.
भीषण गर्मी से प्रभावित हुई धान की नर्सरी
किसानों ने बताया कि इस वर्ष शुरुआती दिनों में भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण धान की नर्सरी (बिचड़ा) प्रभावित हुई. पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बनी रही, जिसके कारण उन्हें पंपसेट के सहारे सिंचाई कर रोपनी करनी पड़ी. इससे खेती की लागत में भी काफी वृद्धि हुई है.
पंपसेट के सहारे करनी पड़ी सिंचाई
नहरों और प्राकृतिक जल स्रोतों से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण अधिकांश किसानों ने पंपसेट और मोटर के माध्यम से खेतों में पानी पहुंचाया. डीजल और बिजली पर बढ़ते खर्च ने किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है.
अब अत्यधिक बारिश की सता रही चिंता
जहां पहले किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे, वहीं अब रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच अत्यधिक वर्षा की आशंका उन्हें परेशान कर रही है. किसानों का कहना है कि यदि लगातार बारिश हुई तो खेतों में जलजमाव हो सकता है, जिससे नई रोपी गई धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
संतुलित वर्षा को बताया बेहतर उत्पादन की कुंजी
किसानों का कहना है कि धान की अच्छी पैदावार के लिए समय पर और संतुलित वर्षा सबसे अधिक आवश्यक होती है. मौसम की अनिश्चितता खेती के लिए अनुकूल नहीं है. ऐसे में किसान मौसम के स्थिर होने और प्रकृति की मेहरबानी की उम्मीद लगाए हुए हैं.
कृषि विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की रोपाई के शुरुआती चरण में खेतों में नियंत्रित जलस्तर बनाए रखना जरूरी है. अत्यधिक वर्षा या लंबे समय तक जलजमाव फसल की बढ़वार को प्रभावित कर सकता है. वहीं पर्याप्त धूप और समय पर होने वाली बारिश बेहतर उत्पादन के लिए लाभदायक मानी जाती है.
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By Shruti Kumari
श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।
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