छपरा घटना के बाद बिहार में BDO की सुरक्षा पर उठे सवाल, काली पट्टी बांधकर काम कर रहे अधिकारी

काली पट्टी बांधकर कार्य करते बीडीओ निशांत कुमार | Prabhat Khabar Network
Supaul News: छपरा में दो बीडीओ के घायल होने के बाद बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने राज्य सरकार से बीडीओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. संघ ने सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती और बीमा जैसी माँगें उठाई हैं.
Supaul News: छपरा में विधि-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद बिहार में बीडीओ की सुरक्षा का मुद्दा तूल पकड़ने लगा है. बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ (BRDSA) ने राज्य सरकार से अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है. विरोध के प्रतीक के तौर पर 27 जुलाई से राज्यभर के बीडीओ काली पट्टी बांधकर नियमित सरकारी कार्य कर रहे हैं. सुपौल के बीडीओ निशांत कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है.
मुख्य सचिव को सौंपा गया विस्तृत ज्ञापन
बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि प्रखंड विकास पदाधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. संघ का कहना है कि विधि-व्यवस्था जैसी संवेदनशील ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है.
संघ ने सरकार के सामने रखीं ये प्रमुख मांगें
संघ ने सरकार से प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, शील्ड, लेग गार्ड और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है. इसके अलावा हर बीडीओ के साथ कम-से-कम दो प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया है.
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले अधिकारियों का उच्च स्तरीय सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज कराया जाए. साथ ही विशेष बीमा और क्षतिपूर्ति नीति लागू की जाए तथा संवेदनशील विधि-व्यवस्था ड्यूटी के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए.
छपरा घटना की जवाबदेही तय करने की भी मांग
संघ ने केवल भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है, बल्कि छपरा की घटना में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई है. संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
काली पट्टी बांधकर जारी रहेगा विरोध
सुपौल के प्रखंड विकास पदाधिकारी निशांत कुमार ने बताया कि बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के निर्णय के अनुसार 27 जुलाई से राज्यभर के सभी बीडीओ नियमित सरकारी कार्यों का निर्वहन करते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करा रहे हैं. यह प्रतीकात्मक आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार घायल अधिकारियों के उपचार, सुरक्षा और अन्य मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती.
Supaul News: सुरक्षित माहौल में काम करने की मांग
संघ का कहना है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे में उनका सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. अधिकारियों को उम्मीद है कि सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी और जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी.
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