सहरसा अस्पताल की घटना पर सुपौल में पत्रकारों का आक्रोश, डीएम को सौंपा ज्ञापन
डीएम को ज्ञापन सौंप कर निकलते पत्रकार | Prabhat Khabar Network
सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार के साथ मारपीट की घटना ने सुपौल के पत्रकार संगठनों में रोष पैदा कर दिया है. विभिन्न संगठनों ने जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है. पत्रकारों ने निष्पक्ष जांच, आरोपी चिकित्सक को हटाने और सुरक्षित माहौल की मांग की है.
सुपौल. सहरसा सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले ने अब सुपौल के पत्रकार संगठनों का भी ध्यान खींचा है. घटना को लेकर जिले के पत्रकार संगठनों में आक्रोश है. बुधवार को विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सावन कुमार से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. इसमें पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई.
समाचार संकलन के दौरान घटना को बताया गंभीर मामला
पत्रकार संगठनों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकार के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना गंभीर विषय है. संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों को अपना काम करने के दौरान सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए. ज्ञापन में मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पत्रकार अभिषेक कुमार को न्याय दिलाया जाए. साथ ही भविष्य में पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान किसी तरह की बाधा या असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
आरोपी चिकित्सक को जांच पूरी होने तक हटाने की मांग
पत्रकार संगठनों ने ज्ञापन में मारपीट के आरोपी बताए जा रहे डॉ. एसके आजाद को जांच पूरी होने तक सहरसा सदर अस्पताल से हटाने की मांग भी की है. संगठनों का तर्क है कि जांच अवधि में आरोपी चिकित्सक को उसी स्थान पर रहने से जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ सकते हैं.
संगठनों ने यह भी कहा कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटना से जुड़े अन्य संभावित साक्ष्य जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं. आरोपी चिकित्सक को जांच अवधि तक अस्पताल से हटाने की मांग को पत्रकार संगठनों ने साक्ष्यों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच से जोड़कर रखा है.
अस्पताल प्रबंधक की भूमिका की भी जांच की मांग
ज्ञापन में सहरसा सदर अस्पताल की अस्पताल प्रबंधक सिम्पी कुमारी की कथित भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है. पत्रकार संगठनों ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में जिन लोगों की भी भूमिका सामने आती है, उसकी जांच की जानी चाहिए. संगठनों ने मांग की कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि जांच किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विरोध में नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए.
पत्रकारों को सुरक्षित माहौल देने की मांग
पत्रकार संगठनों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकार विभिन्न घटनाओं और जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों को सामने लाने के लिए अस्पताल, प्रशासनिक कार्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर समाचार संकलन करते हैं. ऐसे में समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को सुरक्षित और निर्बाध रूप से काम करने का वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है. संगठनों ने प्रशासन से ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो.
जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग
पत्रकार संगठनों ने मामले में जल्द और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए. इसमें सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को शामिल किए जाने की मांग की गई है. ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों से जुड़े पत्रकार मौजूद रहे. प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की. अब पत्रकार संगठनों की नजर प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर है.
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