सुपौल में नमामि गंगे परियोजना को मिलेगी रफ्तार, एसटीपी निर्माण के लिए तीन जगहों का निरीक्षण

निरीक्षण करते अधिकारी व मुख्य पार्षद | Prabhat Khabar Network
Supaul News: सुपौल शहर में नमामि गंगे परियोजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने तीन संभावित स्थलों का निरीक्षण किया है।
Supaul News: सुपौल शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू हो गई है. नमामि गंगे परियोजना के तहत प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण को लेकर अधिकारियों ने नगर परिषद क्षेत्र के तीन संभावित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया. इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर के नालों का गंदा पानी वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध किया जाएगा और फिर उसे नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाएगा. इससे जल प्रदूषण कम होगा, किसानों को स्वच्छ पानी मिलेगा और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत होगी.
तीन संभावित स्थलों का अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षण
नमामि गंगे परियोजना के तहत प्रस्तावित एसटीपी के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज के पास, नवोदय विद्यालय के समीप और मुक्तिधाम के निकट स्थित तीन स्थलों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान अधिकारियों ने भूमि की उपलब्धता, तकनीकी उपयुक्तता, जल निकासी व्यवस्था और परियोजना के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विस्तार से आकलन किया.
निरीक्षण में सिविल एसडीओ मनोहर साह, नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा 'राघव', कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह, गुडको के परियोजना निदेशक समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे.
गंदे पानी का होगा वैज्ञानिक शोधन
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का मुख्य उद्देश्य शहर के नालों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक तरीके से शोधन करना है. शोधन के बाद स्वच्छ किए गए पानी को नहरों में छोड़ा जाएगा, जिससे जल स्रोतों का प्रदूषण कम होगा और सिंचाई के लिए उपयोगी जल उपलब्ध कराया जा सकेगा.
इससे शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और गंदे पानी के अनियंत्रित बहाव की समस्या में कमी आने की उम्मीद है.
Supaul News: स्वच्छ शहर और किसानों दोनों को होगा लाभ
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, नमामि गंगे परियोजना के तहत बनने वाला एसटीपी केवल स्वच्छता अभियान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा लाभ कृषि क्षेत्र को भी मिलेगा. शुद्ध पानी का उपयोग सिंचाई में होने से किसानों को अतिरिक्त जल स्रोत मिलेगा, जबकि शहर में पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट जल प्रबंधन की व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी.
अधिकारियों ने कहा कि परियोजना के लिए तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी. एसटीपी के निर्माण से सुपौल शहर में आधुनिक सीवेज प्रबंधन प्रणाली विकसित होगी और भविष्य में स्वच्छ एवं टिकाऊ शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी.
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लेखक के बारे में
By राजीव कुमार झा
राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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