31.80 करोड़ की लागत से बनने वाले वाशिंग पिट का सांसद ने किया शिलान्यास, कहा बढेगी रेल सुविधा
Published by : RAJEEV KUMAR JHA Updated At : 27 May 2026 6:39 PM
खाली पड़ी थी रेलवे की 70 एकड़ जमीन
सुपौल. जिले के ललितग्राम में बुधवार को रेलवे के बहुप्रतीक्षित वाशिंग पिट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया. करीब 31 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस आधुनिक वाशिंग पिट परियोजना का शिलान्यास सांसद दिलेश्वर कामैत एवं विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू की मौजूदगी में किया गया. कार्यक्रम में सहायक डीआरएम संजय सिंह सहित रेलवे के कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम से पूर्व सहायक डीआरएम संजय सिंह ने सांसद दिलेश्वर कामैत और विधायक नीरज सिंह बबलू को शॉल एवं पाॅग देकर सम्मानित किया. इस दौरान मंच पर रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में रेलवे विकास को लेकर अपनी बातें रखी. खाली पड़ी थी रेलवे की 70 एकड़ जमीन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि ललितग्राम में 70 एकड़ रेलवे भूमि लंबे समय से खाली पड़ी थी. जिसे लेकर क्षेत्र के लोगों की अपेक्षा थी कि यहां कोई बड़ा रेल प्रोजेक्ट शुरू हो. उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व स्थानीय लोगों ने इस जमीन पर रेलवे से संबंधित कार्य शुरू कराने की मांग की थी. जिसे उन्होंने संसद और रेल मंत्रालय तक पहुंचाने का काम किया. सांसद ने कहा कि जब भी उन्होंने क्षेत्र में नई ट्रेन सेवा की मांग की, तब रेलवे मंत्रालय की ओर से वाशिंग पिट नहीं होने की समस्या बताई जाती थी. इसके बावजूद सहरसा तक कई ट्रेनों के विस्तार का काम हुआ. बाद में उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर ललितग्राम में वाशिंग पिट निर्माण की मांग रखी. जिस पर सहमति देते हुए मंत्रालय ने परियोजना को स्वीकृति दी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना सुपौल जिले और पूरे कोसी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होगी. उन्होंने बताया कि यह आधुनिक तकनीक से लैस वाशिंग पिट होगा. जहां ट्रेनों की धुलाई के साथ-साथ रखरखाव की भी सुविधा उपलब्ध होगी. यहां सीट लाइन, स्टेबल लाइन और अन्य आधुनिक रेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सांसद ने कहा कि वाशिंग पिट तैयार होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाली ट्रेनें यहां पहुंचेंगी और धुलाई एवं रखरखाव के बाद आगे के लिए रवाना होंगी. इससे क्षेत्र में नई ट्रेनों के परिचालन का रास्ता खुलेगा तथा लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी. भूकंप में ध्वस्त हो गया था रेल व्यवस्था उन्होंने कोसी और मिथिला क्षेत्र के पुराने रेल इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 1934 के विनाशकारी भूकंप के बाद इस क्षेत्र की रेल व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी. इसके बाद वर्षों तक कोसी क्षेत्र रेल संपर्क से वंचित रहा. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के दशकों बाद भी कोसी और मिथिला के बीच रेल संपर्क बहाल नहीं हो पाया था. बाद में पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों से इस दिशा में काम शुरू हुआ. सांसद ने कहा कि 2008 की कोसी त्रासदी ने भी रेलवे ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया था. लेकिन अब केंद्र सरकार लगातार इस क्षेत्र में रेलवे विकास को नई गति दे रही है. युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर वहीं विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने कहा कि ललितग्राम में वाशिंग पिट निर्माण क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कहा कि वाशिंग पिट बनने से दूर-दराज की ट्रेनों का परिचालन संभव होगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. विधायक ने बताया कि आने वाले दिनों में वीरपुर तक रेलवे लाइन बिछाने की योजना पर भी काम किया जाएगा. साथ ही उन्होंने क्षेत्र में डिग्री कॉलेज निर्माण और रेलवे की शेष भूमि पर उद्योग स्थापित करने की मांग भी उठाई. बताया गया कि वाशिंग पिट परियोजना में कुल तीन ट्रैक बनाए जाएंगे. इनमें एक ट्रैक पर ट्रेनों की धुलाई होगी. जबकि अन्य ट्रैकों पर ट्रेनों का रखरखाव किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य को डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
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