कोसी का कहर फिर से शुरू, लोगों के घर-आंगन में घुसने लगा बाढ का पानी, पलायन करने लगे लोग

Updated:
विज्ञापन

सुपौल में बाढ़ की वजह से लोगों ने शुरू किया पलायन

Bihar Flood News: नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घर आंगन में फैल गया है. बताया जाता है कि पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर गावों में बाढ़ का पानी घर आंगन में फैल जाने के कारण लोग पलायन करने लगे है.

विज्ञापन

Bihar Flood News: नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घर आंगन में फैल गया है. बताया जाता है कि पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर ढोली, बनैनिया, बलथरवा, कटैया, भुलिया, वैसा, तकिया, उग्रीपटी, कवियाही, करहरी, मोरा, झहुरा, सनपतहा, छपकी सहित अन्य गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घर आंगन में फैल जाने के कारण तटबंध के अंदर से लोग पलायन करने लगे है.

आपके शहर में

विज्ञापन

पलायन करने लगे लोग

पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर के ग्रामीणों का कहना है कि लोगों के घर आंगन में पानी फैलने के कारण अपना भोजन के साथ-साथ पशुचारा की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है. लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में नाव बहाल नहीं होने के कारण लोगों को निजी नाव के सहारे पलायन करने की मजबूरी बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके घर आंगन में जहरीले सर्प का आगमन हो गया है. जिसके कारण लोग ऊंचे स्थान पर शरण लेने लगे है.

सियानी गांव के 45 घर हुये कोसी नदी में विलीन

ढोली पंचायत के मुखिया सरस्वती देवी, पूर्व मुखिया सुरेश प्रसाद सिंह ने बताया कि सियानी गांव में लगभग 45 घर कोसी नदी में कटकर विलीन हो गया है. जबकि ढोली गांव में कटाव चालू है. जिसमें 12 परिवार का घर कटकर कोसी नदी में विलीन हो गया है. सियानी गांव के 30 परिवार एवं ढ़ोली गांव के 12 के कटाव प्रभावित परिवारों की सूची अंचल कार्यालय को राजस्व कर्मचारी के माध्यम से दे दी गई है. अंचल कार्यालय द्वारा किसी पर प्रकार की राहत सामग्री विस्थापित परिवारों को नहीं दी गई है.

2023 में भी प्रभावित हुये थे 187 परिवार

मुखिया ने बताया कि साल 2023 में भी सियानी गांव के 187 परिवार के घर कोसी नदी में कटाव होने को लेकर प्रभावित परिवारों की सूची राजस्व कर्मचारी के माध्यम से अंचल कार्यालय को दी गई थी. लेकिन आज तक राहत सामग्री नहीं दिया गया है.

यह भी पढ़ें: गया में धान की रोपनी के दौरान हुए वज्रपात में दो लोगों की मौत,दो दिनों में जा चुकी हैं पांच लोगों की जानें

अधिकारियों ने क्या कहा

सीओ धीरज कुमार बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर विभिन्न घाटों पर फिलहाल 25 नाव चलाया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर और नाव भी बहाली की जाएगी. सीओ ने बताया कि तटबंध के अंदर के लोगों के घर कटाव होने की जानकारी दी गई है. जिसकी राजस्व कर्मचारी के माध्यम से जांच कराई जाएगी. जांच में कटाव से विस्थापित परिवारों को सरकारी स्तर पर राहत सामग्री और मुआवजा प्रदान की जाएगी.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन