सुपौल के खैरदाहा नदी का पुल हुआ जर्जर, बीच सड़क उभरी गहरी दरारें

Updated:
विज्ञापन
खैरदाहा नदी पर बनी पुल जर्जर | Prabhat Khabar Network

खैरदाहा नदी पर बनी पुल जर्जर | Prabhat Khabar Network

Supaul News: पिपरा प्रखंड में खैरदाहा नदी पर बना पुल जर्जर हो गया है, जिससे सैकड़ों वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है. ग्रामीणों को दुर्घटना का डर सता रहा है और उन्होंने तत्काल मरम्मत की मांग की है.

विज्ञापन

Supaul News: सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड में खैरदाहा नदी पर बना पुल अब लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है. केशव नगर होते हुए किशनपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित इस पुल के बीचों-बीच गहरी दरारें पड़ गई हैं. पुल की जर्जर हालत देखकर स्थानीय लोगों में भय का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द तकनीकी जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.

यह पुल सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि पिपरा और किशनपुर प्रखंड के बीच रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही की जीवनरेखा है. किसान अपनी उपज इसी रास्ते से बाजार तक पहुंचाते हैं और स्कूली बच्चे, कर्मचारी तथा मरीज भी इसी मार्ग पर निर्भर हैं. ऐसे में पुल की बिगड़ती हालत अब लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है.

खैरदाहा नदी पर बने पुल में आई गहरी दरार

पिपरा प्रखंड के निर्मली चौक स्थित एनएच-327ई से मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केशव नगर होते हुए किशनपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर खैरदाहा नदी पर बना पुल जर्जर हो गया है.

पुल के बीचों-बीच गहरी दरारें उभर आई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर दिन पुल की स्थिति और खराब होती जा रही है. भारी वाहन गुजरने के दौरान पुल में कंपन भी महसूस होता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है.

दो प्रखंडों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग

यह सड़क पिपरा और किशनपुर प्रखंड के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग है. प्रतिदिन इस रास्ते से सैकड़ों छोटे और बड़े वाहन गुजरते हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल पर कोई बड़ा हादसा होता है तो दोनों प्रखंडों के बीच संपर्क प्रभावित होगा. इसका सीधा असर आम लोगों के साथ व्यापार और कृषि गतिविधियों पर भी पड़ेगा.

किसानों और आम लोगों की बढ़ी मुश्किल

पुल की खराब स्थिति का असर किसानों पर भी पड़ रहा है. कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने और खाद, बीज सहित अन्य जरूरी सामान के परिवहन में परेशानी हो रही है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में पुल की स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती है. ऐसे में हर दिन लोग डर के साये में इस पुल से गुजरने को मजबूर हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

ग्रामीण तपेश्वरी मंडल, विश्वनाथ मंडल, दानी मंडल, रामनंदन मंडल, श्यामसुंदर मंडल, गोविंद शाह, अनिरुद्ध मंडल, मिश्रीलाल मंडल, वासुदेव मंडल, संजय शर्मा, विजय मंडल, राजू शर्मा सहित कई लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है.

ग्रामीणों का आरोप है कि पुल की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, लेकिन अब तक संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है खतरा

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने प्रशासन से पुल की तकनीकी जांच कराकर आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय तत्काल शुरू करने की मांग की है.

ग्रामीणों का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है. ऐसे में किसी अनहोनी से पहले आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए.

Also Read: जंतर-मंतर के बाद बिहार बना हॉटस्पॉट : आधी रात को जज के सामने पेशी, 87 प्रदर्शनकारियों को जेल

Also Read: क्या बांकीपुर वोटर लिस्ट में आपका नाम है? इन आसान स्टेप्स से तुरंत पता करें


विज्ञापन
इंद्रभूषण कुमार

लेखक के बारे में

By इंद्रभूषण कुमार

इंद्रभूषण प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. कटैया निर्मली (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन