मानवाधिकार व्यक्ति को एक पूर्ण व विकसित मानव बनाता है : प्राचार्य

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 Dec 2024 6:26 PM

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किसी भी राष्ट्र का विकास वहां के व्यक्ति के ज्ञान, अधिकार और कर्तव्य बोध पर निर्भर करता है

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– विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन

त्रिवेणीगंज.

राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाई अनूपलाल यादव महाविद्यालय त्रिवेणीगंज के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जयदेव प्रसाद यादव की अध्यक्षता में एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव द्वारा संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्राचार्य ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बताया कि किसी भी व्यक्ति की जिंदगी, आजादी, बराबरी और सम्मान के अधिकारों को हम मानवाधिकार कहते हैं. मानव को अपना अधिकार जाने बिना उनका समुचित विकास संभव नहीं है. मानवाधिकार व्यक्ति को एक पूर्ण और विकसित मानव बनाता है. किसी भी राष्ट्र का विकास वहां के व्यक्ति के ज्ञान, अधिकार और कर्तव्य बोध पर निर्भर करता है. जिस समाज में बच्चे-बूढ़े और समाज के दबे कुचले वर्ग के व्यक्ति के अधिकार का हनन होगा, उस राष्ट्र को एक उन्नत अथवा विकसित राष्ट्र बनने का सपना सदैव एक स्वप्न ही रहेगा. बताया कि विश्व युद्ध की विभीषिका से झुलस रहे लोगों के दर्द को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ के महासभा द्वारा मानव के अधिकारों की रक्षा के लिए 10 दिसंबर 1948 को उनके अपने अधिकार और कर्तव्य का बोध कराने एवं मानवाधिकार रक्षा के उद्देश्य से विश्व मानवाधिकार दिवस मनाने की घोषणा की गई. संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अधिकारिक तौर पर वर्ष 1950 को संपूर्ण विश्व में 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाने का तिथि निर्धारित किया गया. तब से संपूर्ण विश्व में 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाने लगा. हालांकि भारत में 28 सितंबर 1993 को विश्व मानवाधिकार कानून अमल में आया. 12 अक्टूबर 1993 को भारत सरकार ने मानवाधिकार आयोग का गठन किया. भारतीय संविधान मानवाधिकार कानून का रक्षा करते हुए इसे तोड़ने वाले को अदालत द्वारा सजा भी देती है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 19, 20, 21, 23, 24, 39, 43, 45 देश में मानवाधिकार की रक्षा के लिए सुनिश्चित है. एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो विद्यानंद यादव ने बताया विश्व मानवाधिकार का घोषणा पत्र संयुक्त राष्ट्र संघ का एक बुनियादी भाग है, जो व्यक्ति के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है. कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक आईक्यूएसी समन्वयक प्रो अशोक कुमार, प्रो अरुण कुमार, तृतीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो शंभू यादव, द्वितीय इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो कुमारी पूनम, कम्युनिटी कॉलेज के सोनू स्नेहिल, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अनुपम कुमार, सुरेंद्र कुमार, गगन कुमार, दिग्दर्शन, दिलीप दिवाकर, रंजन कुमार, करण कुमार कुणाल, प्रभात कुमार, स्वयंसेवक रिया कुमारी, लवली कुमारी, चुनचुन कुमारी, अंकिता भारती, श्रेया भारती, आश्वी कुमारी, रणजीत सिंह, अभिजीत कुमार, शिल्पी ज्योति, रंजूषा सुमन, सरिता कुमारी, चांदनी कुमारी, मनीषा कुमारी, रोशन राज, शुभम कुमार, आंचल कुमारी, पूजा कुमारी, निशा कुमारी, सोनी कुमारी, साधना कुमारी, निहारिका कुमारी आदि उपस्थित थे.

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