कोशी का कहर : लालगंज में उजड़े आशियाने, शिविर भी नदी में समाया

Updated:
विज्ञापन

अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं

विज्ञापन

सुपौल. कोशी नदी एक बार फिर अपनी विकराल धारा से तबाही मचा रही है. सदर प्रखंड के बलवा पंचायत अंतर्गत लालगंज गांव देखते ही देखते नदी के कटाव की भेंट चढ़ गया. कई परिवारों के आशियाने पलभर में नदी की धारा में समा गए. ग्रामीणों ने इस दर्दनाक मंजर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है. लगातार बारिश ने बढ़ाया संकट नेपाल की तराई क्षेत्र और सुपौल जिले में पिछले पांच दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने कोशी के जलस्तर को खतरनाक स्थिति तक पहुंचा दिया है. पिछले दस दिनों से नदी का स्तर ऊपर-नीचे हो रहा था, लेकिन गुरुवार को अचानक दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी बहने लगा. तेज धारा ने तटबंध के बीच बसे लालगंज गांव को अपनी चपेट में ले लिया. देखते ही देखते घर, आंगन और खेत पानी में समा गए. हालात इतने गंभीर हो गए कि जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन के तहत राहत शिविर स्थापित करना पड़ा. ग्रामीणों को वहीं भोजन और अस्थायी आश्रय की सुविधा दी गई, लेकिन विडंबना यह रही कि जिस भवन में राहत शिविर चल रहा था, वह स्वयं नदी के कटाव की चपेट में आकर ढह गया. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई. दहशत और पलायन लगातार हो रहे कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. जिनके घर नदी में समा गए, वे खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर को मजबूर हैं. बाकी लोग भी किसी सुरक्षित ठिकाने की तलाश में गांव छोड़ने लगे हैं. महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल कोशी का कहर उन्हें अपनी जड़ से उखाड़ देता है, लेकिन इस बार हालात और भी भयावह हैं. जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है. प्रभावित लोगों को ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है और खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है. अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और आपदा से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा रहे हैं. बिहार की शोक नदी” कही जाने वाली कोशी हर बरसात में तबाही मचाती है. इस बार भी उसकी धारा ने लालगंज गांव को खंडहर में बदल दिया. लोग अब केवल यही दुआ कर रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य हों और उन्हें दोबारा बसने का मौका मिले. कहते हैं अंचलाधिकारी अंचलाधिकारी आनंद कुमार ने कहा कि सदर प्रखंड के बलवा में 65 व तेलवा पंचायत में 40 घर कोसी के कटाव से नदी में विलीन हो गये हैं. सामुदायिक भवन भी कोसी के गर्भ में समा गया. पीड़ितों के लिए प्रशासन द्वारा कार्य किये जा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJEEV KUMAR JHA

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन