प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच, खान-पान सहित सुरक्षित प्रसव का दिया गया टिप्स

बताया कि बेहतर पोषण गर्भवती महिलाओं को खून की कमी से बचाता है
राघोपुर. रेफरल अस्पताल राघोपुर परिसर में शुक्रवार को गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरूआत की गई. इस अभियान के तहत प्रखंड क्षेत्र के गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई. कार्यक्रम को लेकर जानकारी देते प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दीप नारायण राम ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ साथ उन्हें बेहतर परामर्श देना है. बताया कि बेहतर पोषण गर्भवती महिलाओं को खून की कमी से बचाता है. इसलिए सभी गर्भवती महिलाओं को जांच के बाद पोषण के बारे में भी जानकारी दी जा रही है. उन्होंने बताया कि इस अभियान की सहायता से प्रसव के पहले ही संभावित जटिलता का पता चल जाता है. जिससे प्रसव के दौरान होने वाली जटिलता में काफी कमी आती है. उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है. अत्यधिक रक्तस्राव से महिला की जान जाने का खतरा सबसे अधिक होता है. प्रसव पूर्व जांच में यदि खून सात ग्राम से कम पाया जाता है, ऐसी महिलाओं को आयरन की गोली के साथ पोषक पदार्थों के सेवन के विषय में सलाह भी दी जाती है. गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अत्यधिक या कम वजन एवं अत्यधिक खून की कमी प्रसव संबंधित जटिलता को बढ़ा सकता है. बताया कि इस दिशा में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना प्रभावी रूप से सुदूर गांवों में रहने वाली महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास में काफी सफलता मिली है. स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के साथ अभियान को सफल बनाने में आशाओं की भूमिका भी सराहनीय है. आशा सामुदायिक स्तर पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उसे प्रत्येक महीने की नौवीं तारीख को रेफरल अस्पताल में प्रसव पूर्व जांच के लिए ससमय संदर्भित करती है. इस अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को बेहतर प्रसव पूर्व जांच की सुविधा प्रदान करने एवं सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित करने के लिए उच्च रक्तचाप, वजन की माप, गर्भावस्था के दौरान मधुमेह, यूरिन एल्ब्यूमिन, हीमोग्लोबिन (एनीमिया) एवं ब्लड ग्रुप की जांच के द्वारा उच्च जोखिम वाले गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाता है. इससे प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में कमी आती है. वहीं स्वास्थ्य प्रबंधक नोमान अहमद ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत राघोपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत तीन चिह्नित जगहों पर शिविर लगाया गया है. बताया कि रेफरल अस्पताल राघोपुर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गनपतगंज एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करजाइन तीनों जगहों पर गर्भवती महिलाओं की जांच, दवाई, नास्ता पानी की सुविधा उपलब्ध है. बताया कि इस दौरान रेफरल अस्पताल राघोपुर में 189 गर्भवती महिलाओं, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गनपतगंज में 56 गर्भवती महिलाओं तथा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करजाइन में 39 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई. मौके पर डॉ दीपक गुप्ता, डॉ मीनू गुप्ता, बीसीएम मो शादाब, पंकज कुमार, अरविंद कुमार, ददन लाल, संजीव कुमार साह, राजेश पाण्डेय, रानी कुमारी सहित अन्य मौजूद थे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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