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Fake Note Case: BMP जवान अमरेंद्र के नेपाल कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस, EOU ने 36 घंटे के पूछताछ के बाद भेजा जेल

Updated at : 02 Jun 2025 7:58 PM (IST)
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Fake Note Case: BMP जवान अमरेंद्र के नेपाल कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस, EOU ने 36 घंटे के पूछताछ के बाद भेजा जेल

गिरफ्तार बीएमपी जवान को जेल ले जाती पुलिस

Fake Note Case: पुलिस सूत्रों के अनुसार अमरेंद्र किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह जमीन की दलाली का भी काम करता था, जिससे उसका नेटवर्क दिन-ब-दिन फैलता जा रहा था. यही कारण है कि उसके खिलाफ पुलिस ने अब मोबाइल, दस्तावेज और अन्य संचार माध्यमों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है. जिन लोगों से उसकी नियमित बातचीत होती थी, उनकी भी पहचान की जा रही है.

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Fake Note Case: कटैया पावर हाउस इलाके से गिरफ्तार बीएसएपी 12वीं बटालियन के जवान अमरेंद्र कुमार यादव को 36 घंटे की गहन पूछताछ के बाद सोमवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अमरेंद्र पर जाली नोटों की तस्करी, संदिग्ध नेपाल कनेक्शन और हथियारों की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता का गंभीर आरोप है.इस मामले ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों का भी ध्यान आकर्षित किया है.

आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है. गौरतलब है कि गिरफ्तार जवान अमरेंद्र कुमार यादव, पिता कपिलदेव यादव, निवासी पथराहा वार्ड संख्या 04, थाना मधेपुरा, जिला मधेपुरा के का रहने वाला है. जिसके पास से शनिवार को तलाशी के दौरान उसके पास से कुल 123 नकली नोट (पांच-पांच रुपये के) बरामद किए गए. इसके अलावा एक नेपाल की भंसार (सीमा शुल्क) रसीद भी मिली थी.

बड़ा नेटवर्क और जमीन दलाली से जुड़ाव

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन इसे लेकर बेहद सतर्क है. प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही अमरेंद्र को विभागीय रूप से निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस जांच के दौरान अमरेंद्र के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से तीन महत्वपूर्ण नंबर सामने आए हैं, जिनमें से एक नंबर नेपाल के एक व्यक्ति से जुड़ा पाया गया है.

तस्करी के लिए इस्तेमाल कर रहा था फर्जी पद का बोर्ड

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अमरेंद्र कुमार ने ”बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन” के क्षेत्रीय मंत्री का फर्जी बोर्ड लगा रखा था, जिससे वह खुद को वरिष्ठ अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था. इसी पहचान का फायदा उठाकर वह आर्म्स और नकली नोटों की तस्करी का धंधा संचालित कर रहा था.

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तीन ठिकानों पर हुई छापेमारी

कांड संख्या 37/25 दर्ज गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमरेंद्र के तीन ठिकानों पर छापेमारी की है. कांड संख्या 37/25 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. अमरेंद्र के पास से 123 नकली नोट (पांच-पांच रुपये के) और नेपाल की भंसार रसीद बरामद हुई थी, जिससे उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पुष्टि होती है.

पुलिस गहराई से कर रही मामले की जांच : एसपी

रविवार को पटना से आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की चार सदस्यीय टीम वीरपुर पहुंची और अमरेंद्र से कई घंटे तक पूछताछ की. एसपी शैशव यादव ने बताया कि गिरफ्तार सिपाही अमरेंद्र कुमार को जेल भेज दिया गया है. पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आयी हैं, जिनकी जांच जारी है. पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुटी है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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