साढ़े चार की जगह मिले दो हजार

Updated at :16 Nov 2016 1:09 AM
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साढ़े चार की जगह मिले दो हजार

नोटबंदी. सातवें दिन भी छोटे नोट की कमी से जनजीवन रहा अस्त-व्यस्त मंगलवार को भी नोटबंदी के बाद से जारी परेशानी कम नहीं हो पायी. शहर के दो-तीन बैंकों को छोड़ कर अधिकांश बैंक शाखाओं में नोट एक्सचेंज करने का काम बंद रहा. दिन भर लोग नोट बदलने के लिए इस शाखा से उस शाखा […]

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नोटबंदी. सातवें दिन भी छोटे नोट की कमी से जनजीवन रहा अस्त-व्यस्त

मंगलवार को भी नोटबंदी के बाद से जारी परेशानी कम नहीं हो पायी. शहर के दो-तीन बैंकों को छोड़ कर अधिकांश बैंक शाखाओं में नोट एक्सचेंज करने का काम बंद रहा. दिन भर लोग नोट बदलने के लिए इस शाखा से उस शाखा की ओर दौड़ लगाते रहे. कई जगह बैंक कर्मियों द्वारा लोगों से दुर्व्यवहार किये जाने की बात भी सामने आयी.
सुपौल : 1000 और 500 के बड़े नोट प्रतिबंधित होने के सातवें दिन भी आम लोगों की मुसीबत कम होती नहीं दिखी. वित्तीय संस्थानों में छोटे नोटों की अनुपलब्धता के कारण आर्थिक तंगी झेल रहे लोग मंगलवार को काफी परेशान नजर आ रहे थे. शहर के दो-तीन बैंकों को छोड़ कर अधिकांश बैंक शाखाओं में नोट एक्सचेंज करने का कार्य बंद रहा. लोग नोट बदलने के लिए इस शाखा से उस शाखा की दौड़ लगाते रहे. वहीं गांव देहात के लोगों के साथ बैंक कर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने की बात भी सामने आ रही है.
मंगलवार को कई बैंक शाखाओं में ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार के कई मामले सामने आये. मुख्य डाकघर में मंगलवार की दोपहर तक लोगों को नोट एक्सचेंज करने की सुविधा उपलब्ध करवायी गयी. शहर के अधिकांश एटीएम का शटर भी दिन भर बंद रहा. कुछ एटीएम जहां दोपहर तक उपभोक्ताओं को सुविधा उपलब्ध हो रही थी, वहां भी दोपहर बाद राशि की कमी के कारण लोगों को निराशा लौटना पड़ा. पर्याप्त पैसा नहीं रहने के कारण बाजार में मंदी का दौर चल रहा है.
खाद्य सामग्रियों के अलावे अन्य दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा. नोट की कमी का खामियाजा सबसे अधिक छोटे दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है. स्थति यह है कि छुट्टा के अभाव में चाय-पान की बिक्री भी प्रभावित हो रही है.
कई बैंक शाखाओं में पसरा रहा सन्नाटा
शहर के प्रमुख वित्तीय संस्थान सेंट्रल बैंक, ओरिएंटल बैंक, यूबीजीबी, युनाइटेड बैंक, यूको बैंक, आइसीआइसीआइ, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, एसबीआइ की कृषि शाखा में मंगलवार को नोट एक्सेंज का कार्य बिल्कुल ठप रहा. बैंक प्रबंधन द्वारा राशि का अभाव बता कर ग्राहकों के नोट एक्सचेंज नहीं किये जा रहे थे.
हालांकि इन शाखाओं में निकासी व जमा का कार्य जारी था. मुख्य डाकघर में दोपहर दो बजे के बाद नोट खत्म हो जाने के कारण नोट एक्सचेंज का काम बंद कर दिया गया. इस वजह से नोट एक्सचेंज करने शाखा पहुंचे लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा. दरअसल ग्राहकों को नोट खत्म हो जाने की जानकारी कई घंटों तक कतार में रहने के बाद दी गयी.
इससे पूर्व लोग इस उम्मीद में कतार में लगे रहे कि उनकी बारी आने पर उन्हें भी नोट बदल कर छोटे नोट दिये जायेंगे, लेकिन अंतिम समय में उन्हें निराशा ही हाथ लगी.वहीं शहर के अधिकांश एटीएम में ताला लटके रहने की वजह से भी लोगों को राशि प्राप्त करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
सभी जगह नहीं हो रहा भुगतान
छोटे और खुदरा नोट की अनुपलब्धता से जूझ रहे वित्तीय संस्थानों ने मंगलवार को 4500 की जगह उपभोक्ताओं को मात्र 2000 रुपये एक्सचेंज करने की सुविधा मुहैया करायी. हालांकि अगर सभी बैंक और एटीएम मात्र 2000 रुपये का भुगतान भी नियमित रूप से करते, तो शायद आम लोगों की मुसीबत हद तक कम हो सकती थी,
लेकिन मंगलवार को स्थिति बिल्कुल उलट थी. शहर के नौ आना कचहरी रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा, भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा और बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में लोगों को राशि का भुगतान किया जा रहा था. इन सभी बैंकों में छोटे नोटों की अनुपलब्धता के चलते एक व्यक्ति को दो हजार रुपये एक्सचेंज करने की सुविधा प्रदान की गयी थी. हालांकि भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में दोपहर बाद राशि खत्म हो जाने के कारण भुगतान बंद कर दिया गया था, जबकि जमा व निकासी का कार्य जारी रहा.
नये नोटों को लेकर हो रही तरह-तरह की चर्चा
1000 व 500 रुपये पर लगी पाबंदी के बाद रिजर्व बैंक द्वारा जारी नये नोटों को लेकर शहर में अनेक प्रकार की चर्चा हो रही है.कुछ लोग 2000 रुपये के नये नोट में अनेक प्रकार की खामी निकालने लगे हैं. वहीं कुछ लोग नोट को रगड़ने पर रंग छोड़ने की के कारण इस नये नोटों को ही नकली बता कर तरह-तरह के अफवाह फैला रहे हैं.
वहीं सदर प्रखंड के मलहद गांव निवासी राकेश कुमार झा को मुख्य डाकघर से नोट एक्सजेंज के दौरान प्राप्त दस रुपये के नोट की गड्डी में दो नोट ऐसे मिले, जिसके एक साइड में बिल्कुल ही सादा था. उन्होंने बताया कि एलआइसी का प्रीमियम जमा करने के दौरान उक्त नोट की जानकारी हुई, लेकिन डाकघर द्वारा नोट को बदलने से इनकार कर दिया गया.
बैंक कर्मियों के दुर्व्यवहार से लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
1000 व 500 रुपये के बड़े नोट पर सरकार द्वारा लगाये गये पाबंदी के बाद जहां लोग छोटे नोट प्राप्त करने के लिए परेशान हैं.वहीं नोट एक्सचेंज व राशि निकासी के दौरान बैंक कर्मियों द्वारा ग्राहकों के साथ किये जा रहे दुर्व्यवहार की वजह से अब लोगों में आक्रोश भी पनपने लगा है. मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक के कृषि शाखा में नगर परिषद वार्ड नंबर 12 निवासी बैंक उपभोक्ता मुशनी देवी के साथ कैश काउंटर पर मौजूद कर्मी ने दुर्व्यवहार करते हुए उनका पासबुक फेंक दिया.
भीड़ में पासबुक फेंक दिये जाने की वजह से महिला उपभोक्ता को उसे ढूंढ़ने में काफी परेशानी हुई. वहीं दुर्व्यवहार से आहत मुशनी देवी भीड़ के सामने बिलखने लगी.आम उपभोक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए महिला को बैंक प्रबंधक अपने चेंबर में ले गये और पुन: डुब्लिकेट पासबुक बना कर दिया.
वहीं बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में एक ग्राहक के साथ कर्मी सहित बैंक प्रबंधक उलझ गये और ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार करने लगे. मौके पर उपस्थित गणेश इलेक्ट्रॉनिक के प्रोप्राइटर ने बैंक प्रबंधक पर दवाब डाल कर मामला शांत करवाया. उपभोक्ता के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं दो-तीन दिनों से काफी बढ़ गयी है.
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