सुपौल : प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा स्थानीय गांधी मैदान में आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम का समापन मंगलवार को समारोह पूर्वक किया गया. कार्यक्रम के अंतिम दिन परम विदुषी कंचन दीदी द्वारा श्रद्धालुओं के बीच श्रीमद् भागवत कथा का आध्यात्मिक रहस्य की व्याख्या की गयी. संबोधित करते कंचन दीदी ने कहा कि हम परम पिता परमेश्वर की अमर, अनादि संतान हैं. परमात्मा और आत्माएं भिन्न-भिन्न सत्ता हैं. कहा कि परमात्मा एक है.
जबकि आत्माएं अनेक हैं. उन्होंने बताया कि परमात्मा ही अनादि सृष्टिरूपी नाटक के रचयिता व मार्गदर्शक हैं, जबकि हम सभी आत्माएं मात्र पात्रधारी हैं. आत्माएं पवित्र व पावन बन कर महात्मा, धर्मात्मा व देवात्मा बन सकती है. किंतु वे परमात्मा नहीं बन सकते. शिव का अर्थ कल्याणकारी व बीज रूप है. जिस प्रकार बीज से वृक्ष बनता है, उसी प्रकार परमात्मा भी मनुष्य रूपी वृक्ष के निमित बीज हैं. परमात्मा दिव्य स्वरूप हैं, जिसका कोई शारीरिक आकार नहीं है.
कंचन दीदी ने बताया कि परमात्मा भी ब्राह्मा, विष्णु व शंकर के रचयिता हैं. परमात्मा ब्रह्मा तन में आकर इस संगम युग पर परमात्म ज्ञान से भरपूर होकर समस्त मनुष्य आत्माओं को स्वयं का परिचय देते हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में केंद्र की संचालिका शालिनी बहन, ऋषि भाई, भारती बहन, जय शंकर भाई, शंकर भाई, सत्य नारायण भाई, बबीता बहन, सुनीति बहन, अशोक, दीपिका बहन, कंचन बहन, ललिता, उषा, ने योगदान दिया.