तीन दिन बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं

Updated at :13 Nov 2016 2:45 AM
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तीन दिन बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं

अफरातफरी. पांच सौ व हजार के पुराने नोट बदलने के िलए बैंकों में उमड़ रही ग्राहकों की भीड़ बड़े नोटों पर प्रतिबंध के बाद अब तक जिला मुख्यालय स्थित बैंकों को रिजर्व बैंक द्वारा नया नोट उपलब्ध नहीं कराया गया है. इससे बैंकों व पोस्ट ऑफिस में छोटे नोटों की किल्लत है. इसका खामियाजा लोगों […]

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अफरातफरी. पांच सौ व हजार के पुराने नोट बदलने के िलए बैंकों में उमड़ रही ग्राहकों की भीड़

बड़े नोटों पर प्रतिबंध के बाद अब तक जिला मुख्यालय स्थित बैंकों को रिजर्व बैंक द्वारा नया नोट उपलब्ध नहीं कराया गया है. इससे बैंकों व पोस्ट ऑफिस में छोटे नोटों की किल्लत है. इसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है.
सुपौल : पांच व हजार रुपये के पुराने नोटों पर सरकार द्वारा लगाये गये पाबंदी की वजह से शनिवार को भी जिला मुख्यालय में आम लोगों के बीच अफरातफरी का माहौल बना रहा. पुराने नोट को जमा करने एवं नये नोट प्राप्त करने की कश्मकश में लोग इधर-उधर भटकते रहे. मुख्यालय के तकरीबन सभी बैंकों में पुराने नोट जमा करने व बदलने वाले लोगों की लंबी कतार बैंक परिसरों में देखी गयी.
हजारों की संख्या में उपभोक्ता बैंक खुलने के साथ ही लाइन में लग चुके थे. चार हजार रुपये के छोटे नोट प्राप्त करने की चाहत में ऐसे लोगों को घंटों कतार में धक्के खाने पड़े. बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की चाहत अब तक पूरी नहीं हो पायी है. यही वहज है कि सरकार द्वारा रविवार को भी सभी सरकारी बैंक खुला रखने का निर्देश दिया गया है.
अबतक नहीं मिले नये नोट
बड़े नोटों पर सरकार द्वारा लगाये गये प्रतिबंध के बाद अब तक जिला मुख्यालय स्थित सरकारी बैंकों को रिजर्व बैंक द्वारा नया नोट उपलब्ध नहीं कराया गया है. इस बीच स्थानीय बैंकों व पोस्ट ऑफिस में छोटे नोटों की किल्लत है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है. शनिवार को छोटे नोट उपलब्ध नहीं रहने के कारण स्थानीय ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक जैसे अन्य कई बैंकों की शाखाओं में रुपये का लेन-देन नहीं किया जा सका. इसके कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी.
बंद रहे अधिकांश एटीएम
केंद्र सरकार द्वारा बड़े नोटों की वैधता समाप्त करने की घोषणा के तीन दिन बीत जाने के बाद भी जिले में लोगों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है. जारी आदेश के मुताबिक शुक्रवार से ही सभी बैंकों के एटीएम का परिचालन कर प्रति ग्राहक प्रतिदिन दो हजार रुपये उपलब्ध कराना था, लेकिन हकीकत है कि दो दिन बीत जाने के बाद भी जिला मुख्यालय स्थित अधिकांश एटीएम का परिचालन प्रारंभ नहीं हो पाया.
शनिवार को भी स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य कई बैंकों के अधिकांश एटीएम बंद रहे. इसकी वजह से ग्राहकों का एटीएम से दो हजार रुपये निकासी का मंसूबा सफल नहीं हो पाया. बैंक प्रबंधन इसके लिये बैंकों में रुपये की कमी को वजह बता रहे हैं.
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