विकास से महरूम है लदहर टोला
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :05 Jul 2016 7:47 AM
विज्ञापन

सदर प्रखंड अंतर्गत हरदी पूरब पंचायत स्थित लदहर टोला आज भी विकास की रोशनी से दूर है. इस कारण यहां के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन िवभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं. सुपौल : सदर प्रखंड अंतर्गत हरदी पूरब पंचायत स्थित लदहर टोला आज भी विकास की […]
विज्ञापन
सदर प्रखंड अंतर्गत हरदी पूरब पंचायत स्थित लदहर टोला आज भी विकास की रोशनी से दूर है. इस कारण यहां के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन िवभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं.
सुपौल : सदर प्रखंड अंतर्गत हरदी पूरब पंचायत स्थित लदहर टोला आज भी विकास की रोशनी से दूर है. सरकार द्वारा प्रत्येक दो सौ की आबादी वाले टोले को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की सड़क से जोड़ने की कवायद चल रही है, लेकिन आठ सौ की आबादी वाले इस टोले के लोगों को आज भी कच्ची सड़क पर आवागमन करने की विवशता बनी हुई है.
इस टोला में बसे लोगों को न ही सड़क है और न ही बिजली की सुविधा ही उपलब्ध हो पाया है. एक माह पूर्व इस टोले में संवेदक द्वारा विद्युतीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया था. कार्य प्रारंभ होने के बाद स्थानीय लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें अपने घर को रोशन करने के लिए ढ़िबरी का सहारा नहीं लेना पड़ेगा, लेकिन विद्युतीकरण के बाद लोगों को निराशा ही हाथ लगी. कार्य पूर्ण होने के बावजूद विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पायी है. इस वजह से यहां के ग्रामीण निराश हैं.
सड़क की बात करें तो इस टोले में पहुंचने के लिए लोग नहर पर बने रास्ते का सहारा लेते हैं, जो जंगल से भरा पड़ा है.
सुखाड़ के समय में यहां के लोग किसी तरह इस रास्ते से आवागमन करते हैं, लेकिन हल्की बारिश के बाद ही इस रास्ते पर आवागमन अवरुद्ध हो जाता है. अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उपेक्षित इस टोले में मूलभूत सुविधा का अभाव है, जबकि यह टोला मां वन दुर्गा मंदिर से सटे पूरब व उत्तर दिशा में अवस्थित है. इस टोले तक पहुंचने के लिए वन दुर्गा मंदिर हो कर ही लोग आया-जाया करते हैं . ग्रामीणों ने बताया कि उक्त समस्या को लेकर कई बार वे लोग जनप्रतिनिधि व अधिकारियों का दरवाजा खटखटा चुके हैं. इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है.
बलदेव यादव ने बताया कि सड़क व बिजली को लेकर कई बार जनप्रतिनिधि से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन वहां से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है. संजय कुमार ने कहा कि विकास के इस दौर में भी इस टोले के लोगों को उपेक्षित रखा गया है. टोले के लोगों को बाहर निकलने के लिए एक मात्र कच्ची सड़क है, जो बारिश के मौसम में कीचड़ मय हो जाता है.
रघुनंदन यादव ने कहा कि इस बस्ती में रहने वाले एक बड़ी आबादी को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जाना चिंताजनक है. हर चुनाव के समय वोट मांगने पहुंचने वाले नेता इस समस्या के समाधान का दावा करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही इसे भुला दिया जाता है. सज्जन कुमार ने कहा कि इस टोले के लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है. आज तक कोई भी पदाधिकारी यहां रहने वाले लोगों की सुधि लेने तक नहीं पहुंच सके हैं.यही स्थिति जनप्रतिनिधियों की है जो चुनाव के बाद दुबारा वापस नहीं आते हैं.
रवींद्र कुमार यादव ने बताया कि हम लोग की जिंदगी बरसात के समय में बदतर हो जाती है. बरसात के समय में कच्ची सड़क चलने के लायक नहीं रहता है. सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है, जो बरसात के समय में स्कूल नहीं जा पाते हैं.
छोटेलाल यादव ने कहा कि सरकार द्वारा सूबे के चतुर्दिक विकास का दावा किया जा रहा है, लेकिन इस टोले को देखने के बाद सरकार के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










