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823 मामलों का हुआ निष्पादन, पौने दो करोड़ रुपये का हुआ समझौता

Updated at : 10 May 2025 7:03 PM (IST)
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823 मामलों का हुआ निष्पादन, पौने दो करोड़ रुपये का हुआ समझौता

जिला कोर्ट सुपौल व वीरपुर कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का किया गया आयोजन

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– जिला कोर्ट सुपौल व वीरपुर कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का किया गया आयोजन – प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन – सुरक्षा के किये गये थे पुख्ता इंतजाम सुपौल. व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को साल का दूसरा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजनफर हैदर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मो अफजल आलम सहित अन्य न्यायाधीशों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया. लोक अदालत को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में हेल्प डेस्क बनाया गया. वहीं वादों के निपटारे को लेकर 07 बैंच का गठन किया गया था. सभी बैंच पर न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे. न्यायालय परिसर में मेडिकल टीम की नियुक्ति भी की गयी थी. वहीं लोक अदालत को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. मौके पर एडीजे टू निशिकांत ठाकुर, चेतन आनंद, विधिज्ञ संघ के सचिव दीप नारायण भारती, उपाध्यक्ष राजीव मल्लिक, पंकज झा, सौरभ मोहन ठाकुर, सन्नी कुमार आदि मौजूद थे. स्वागत भाषण मो अफजल आलमने किया. जबकि धन्यवाद ज्ञापन स्वाती चतुर्वेदी ने किया. जबकि संचालन न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम सुदीप पांडे ने किया. राष्ट्रीय लोक अदालत में सुपौल व्यवहार न्यायालय में 07 बेंच तथा वीरपुर न्यायालय में 02 बेंच था. लोक अदालत में सुपौल व वीरपुर में कुल 823 वादों का निष्पादन किया गया. जिसमें 01 करोड़ 70 लाख 03 हजार 901 रुपये का समझौता हुआ. प्री लिटीगेशन में कुल 651 वादों का निपटारा किया गया. जिसमें 01करोड़ 44 लाख 70 हजार 901 तथा पोस्ट लिटीगेश में 172 वादों का निपटारा किया गया. जिसमें 25 लाख 33 हजार रुपये का समझौता हुआ. आपसी समन्वय से मामलों को होता है निष्पादन : जिला जज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह ने कहा कि लोक अदालत बिना आपसी सहभागिता के एवं बड़ा मन किये हुए कभी सफल नहीं हो सकता. दूसरा कोई कुछ भी प्रयास कर ले. लेकिन जब तक पक्षकार दिल खोल कर एवं अपना बड़ा मन नहीं रखेंगे और जब तक आपस में समन्वय स्थापित नहीं करेंगे तब तक हमलोगों का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा. उन्होंने लोगों से अपील करते कहा कि आपलोग अपने-अपने मुकदमे को समाप्त कर लें. यह सुनहारा अवसर है कि एक दिन में मुकदमा खत्म हो जायेगा और फिर इसका कभी कहीं अपील भी नहीं होगा. वहीं लोक अदालत में मौजूद बैंक कर्मियों से कहा कि पक्षकारों से समन्वय स्थापित कर बैंक से संबंधित मामले का अधिक से अधिक निष्पादन हो, इसको लेकर प्रयास करें. जिससे कोई भी व्यक्ति यहां से ना उम्मीद के साथ नहीं लौटे. न्याय की मिसाल: 80 वर्षीय वृद्ध पक्षकार को मिला न्याय राष्ट्रीय लोक अदालत में एक ऐतिहासिक न्यायिक पहल के तहत 80 वर्षीय वृद्ध पक्षकार के 15 वर्षों से लंबित आपराधिक मुकदमे का निस्तारण कर उन्हें न्याय प्रदान किया गया. यह सफलता जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अनंत सिंह के सतत प्रयासों का परिणाम है. जानकारी के अनुसार, वृद्ध पक्षकार एक परिवाद पत्र पर आधारित मामले में पिछले डेढ़ दशक से न्यायालय का चक्कर काट रहे थे. उम्र के इस पड़ाव में भी न्याय की उम्मीद में वे लगातार अदालत आते रहे. अंततः राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से इस मामले का समाधान किया गया, जिससे वृद्ध को बड़ी राहत मिली. इस फैसले ने न केवल पीड़ित पक्षकार को न्याय दिलाया, बल्कि लोक अदालत की सार्थकता और त्वरित न्याय प्रक्रिया की प्रभावशीलता को भी प्रमाणित किया है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा यह प्रयास समाज के उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो वर्षों से लंबित मामलों में न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इस अवसर पर कई वादकारियों, अधिवक्ताओं और पदाधिकारियों ने लोक अदालत की सराहना की और इसे न्यायिक प्रणाली में एक सशक्त माध्यम बताया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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