चुनाव वायदे पर महिला मतदाता है गंभीर

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चुनाव वायदे पर महिला मतदाता है गंभीर फोटो – 1 से 8 तककैप्सन – रायशुमारी में शामिल महिलाओं का फोटोप्रतिनिधि, सुपौललोकतंत्र का महापर्व मनाने का समय समीप आ चुका है. मताधिकार को लेकर कोसी इलाके की महिलाएं भी सजग हैं. वह गुजरे जमाने की बात थी, जब इस पुरुष प्रधान समाज की महिलाओं के निरक्षर […]

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चुनाव वायदे पर महिला मतदाता है गंभीर फोटो – 1 से 8 तककैप्सन – रायशुमारी में शामिल महिलाओं का फोटोप्रतिनिधि, सुपौललोकतंत्र का महापर्व मनाने का समय समीप आ चुका है. मताधिकार को लेकर कोसी इलाके की महिलाएं भी सजग हैं. वह गुजरे जमाने की बात थी, जब इस पुरुष प्रधान समाज की महिलाओं के निरक्षर रहने के कारण उन्हें अधिकार के बारे में कुछ जानकारी ही नहीं थी और न समाज के लोगों द्वारा उन सबों के हक के बारे में बताया जाता था. पर समय, परिस्थिति व सोच के बदलने के साथ ही अब महिलाएं नये समाज के निर्माण की भूमिका में अहम स्थान निभा रही हैं. चूल्हा चौका से लेकर दफ्तर तक निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य का निर्वहन कर रही हैं. संविधान के 73 वें 74 वें संशोधन के बाद से ही महिलाएं कई चुनावों की स्थिति व जन प्रतिनिधियों द्वारा किये जा रहे वादे को गंभीरता के साथ देखती रही हैं. इन दिनों चुनाव को लेकर उम्मीदवारों द्वारा कार्यकर्ताओं की टोली के साथ घर -घर भ्रमण किया जा रहा है. जहां महिला मतदाता उम्मीदवारों को परख रही हैं. साथ ही मिथिलांचल की परंपरा अनुसार अतिथि का स्वागत भी करती हैं. इस दौरान महिला मतदाता सभी उम्मीदवारों को अपना वोट उनके पक्ष में दिये जाने का आश्वासन भी दे रही हैं. इस कारण सभी प्रत्याशी अपने आपको विजयी होने की बात भी कर जाते है. वहीं उम्मीदवारों के जाने के बाद आस-पड़ोस की महिला मतदाता के बीच कानाफूसी प्रारंभ हो जाती है. इस दौरान महिलाएं इस बात पर ज्यादा जोर दे रही हैं कि प्रत्याशी द्वारा चुनाव के मौके पर किन-किन समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है. जन प्रतिनिधि व सरकार के गठन को लेकर प्रभात खबर द्वारा ली गयी राय शुमारी के दौरान महिला मतदाताओं ने बेबाक राय रखी. ने बताया कि लोकतंत्र में सभी वोटरों को अपना – अपना मत देने का अधिकार प्राप्त है. जन प्रतिनिधि को भारतीय लोकतंत्र का सम्मान करते हुए विकास की बात करनी चाहिए. का मानना है कि जन प्रतिनिधियों को महिलाओं के हित में कार्य करनी चाहिए. ताकि महिलाओं की स्थिति बेहतर हो सके. बताया कि चुनाव के दौरान उम्मीदवार घर – घर भ्रमण करते हैं. लेकिन चुनाव जीतने के उपरांत जन प्रतिनिधि किये गये वायदे तो दूर, क्षेत्र की स्थिति से अवगत होना भी मुनासिब नहीं समझते. ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जन प्रतिनिधियों को समावेशी विकास कर क्षेत्र की तरक्की करने पर ध्यान देना चाहिए. बताया कि महिलाओं में प्रतिभाओं की कमी नहीं है. सरकार को स्थानीय समस्या पर विशेष रूप से तरजीह देने की जरूरत है. ने कहा कि जिस तरीके से चुनाव में महिला मतदाताओं की वोट को निर्णायक माना जाता है. इसी प्रकार जन प्रतिनिधियों को महिलाओं के निमित्त विकासात्मक कार्य करनी चाहिए. ने बताया कि कोसी का इलाका काफी पिछड़ा है. चुनाव के दौरान इस बात की चर्चा सभी उम्मीदवार करते है. लेकिन सत्ता पाने के बाद इस मुद्दे से भी विमुख हो जाते हैं. जन प्रतिनिधि को क्षेत्रीय विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. ने बताया कि सुपौल को जिला बनना ढ़ाई दशक से अधिक का समय हो चुका है. बावजूद इसके मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराया गया है. जन प्रतिनिधियों को चाहिए कि अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराये. ताकि आम लोगों को कठिनाई का सामना ना हो. का मानना है कि जन प्रतिनिधियों को चाहिए कि क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध करायें. ताकि स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके. ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ऐसी बने जो संपूर्ण राज्य की तरक्की करने की योजना बनाये. साथ ही समय – समय पर जन प्रतिनिधि के क्रिया कलापों की जानकारी ले.

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