नहीं रही शतक की साक्षी सूरजी देवी

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फोटो-15कैप्सन- सूरजी देवी की फाइल फोटोसरायगढ़. 15 जनवरी, 1934 के महा भूकंप की चश्मदीद सरायगढ़ की 108 वर्षीया सूरजी देवी का निधन गुरुवार को हो गया. सूरजी देवी की जीवनी को बिहार के सौ वर्ष पूरे होने पर राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘शतक के साक्षी’ में शामिल किया गया था. इस पुस्तक का विमोचन […]

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फोटो-15कैप्सन- सूरजी देवी की फाइल फोटोसरायगढ़. 15 जनवरी, 1934 के महा भूकंप की चश्मदीद सरायगढ़ की 108 वर्षीया सूरजी देवी का निधन गुरुवार को हो गया. सूरजी देवी की जीवनी को बिहार के सौ वर्ष पूरे होने पर राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘शतक के साक्षी’ में शामिल किया गया था. इस पुस्तक का विमोचन 22 मार्च, 2012 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. उनकी जीवनी की लेखिका सरायगढ़ की शिक्षिका बबीता कुमारी थीं. गौरतलब है कि 12 फरवरी को प्रभात खबर से बातचीत में सूरजी ने भूकंप की घटना का बड़ा ही जीवंत वर्णन किया था. उनके निधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला जदयू उपाध्यक्ष बैद्यनाथ प्रसाद यादव एवं प्रखंड प्रमुख विजय कुमार यादव ने कहा कि सूरजी देवी जिले की धरोहर थीं. उनके निधन से एक अध्याय का भी अवसान हुआ है.

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